रामपुर। उत्तराखंड के नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा के डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या को लेकर कोतवाली पुलिस पूरे दिन अलर्ट मोड पर रही। पुलिस गोपनीय तरीके से बाबा की हत्या में नामजद ग्राम सिहोरा निवासी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा तथा नवाबगंज गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार बाबा अनूप सिंह उर्फ वीरजी को खोजती रही, मगर कोई भी पुलिस की पकड़ में नहीं आया। सिहोरा गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा 16 साल पहले ही गांव से जमीन और घर बेचकर जा चुका है। उत्तराखंड के जिला ऊधमसिंह नगर के कस्बा नानकमत्ता स्थित गुरुद्वारा साहिब के डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की बृहस्पतिवार की सुबह बाइक सवार दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद बाइक सवार फरार हो गए थे। घटना में कोतवाली के ग्राम सिहोरा निवासी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा को नामजद किया है। वहीं, शक के आधार पर ग्राम नवाबगंज स्थित गुरुद्वारा के बाबा अनूप सिंह उर्फ वीरजी को भी पुलिस ने नामजद किया है। शुक्रवार को कोतवाली पुलिस दोनों गांव में अपनी पैनी नजर बनाए रही, लेकिन कोई आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि 16 साल पहले अमरजीत मकान व जमीन बेचकर चला गया था। तब से किसी भी ग्रामीण को आज तक उसकी कोई जानकारी नहीं है। सीओ रवि खोखर ने बताया कि घटना ऊधमसिंह नगर में हुई है और वहां की पुलिस ही कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दे दी जाएगी।
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उत्तराखंड पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र में मारा छापा
बिलासपुर। नानकमत्ता गुरुद्वारे के डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह के हत्या में नामजद ग्राम सिहोरा निवासी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा तथा शक के तौर पर रिपोर्ट में शामिल किए गए नवाबगंज गुरुद्वारे के प्रमुख जत्थेदार बाबा अनूप सिंह जी उर्फ वीरजी की तलाश में शुक्रवार को उत्तराखंड पुलिस ने गोपनीय तरीके से छापा मारा। हालांकि, सफलता न मिलने पर पुलिस लौट गई। सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड पुलिस की टीमों ने शुक्रवार को ग्राम सिहोरा और ग्राम नवाबगंज में गोपनीय तरीके से छापा मारा। इसके बाद पुलिस टीमें नामजद आरोपियों की तलाश में कई जगह खाक छानती रहीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। कोतवाली प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि उत्तराखंड की पुलिस टीमों द्वारा छापा मारने की जानकारी नहीं है। संवाद