रामपुर। जिला क्षय नियंत्रण करने के लिए गठित की 397 टीमों ने पहले दिन क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने लक्षण दिखने पर लोगों की स्क्रीनिंग की और सैंपल लिए। जबकि उनको टीबी की बीमारी से जागरूक करते हुए सावधानी बरतने की सलाह भी दी। इस बीच 80 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हुई है।
2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए संकल्पना की गई है। इसको देखते हुए एसीएफ अभियान के दौरान जिले 5.84 लाख को मैप किया जा रहा है। इसके तहत स्लम, घनी आबादी वाले क्षेत्र, मलिन बस्तियां, हाई रिस्क जनसंख्या (एचआईवी एवं डायबिटीज) अनाथालय, वृद्धाश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय, कारागार, मजदूरों, श्रमिक तथा टीबी मुक्त पंचायत जगहों को चिन्हित करते हुए टीम स्क्रीनिंग कर रही हैं। सोमवार को पहले दिन टीम ने ग्रामीण इलाकों में जाकर क्षेत्रों में लोगों की जांच की। इस दौरान लक्षण पाए जाने पर सैंपल लिए गए। इस दौरान 80 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि पहले दिन टीमों ने 80 हजार से लोगों तक पहुंची और उनकी जांच की गईं।
निक्षय पोर्टल पर 6751 टीबी मरीज दर्ज
शहर में जिला क्षय नियंत्रण केंद्र में दो सीबी नॉट मशीनें उपलब्ध हैं। जबकि 18 टू-नॉट मशीनें स्थापित की गई हैं, जहां पर ड्रग रेजिस्टेंट रोगियों की जांच की जाती है। डीटीओ सत्यप्रकाश ने बताया कि अब तक निक्षय पोर्टल पर 6751 मरीज दर्ज हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है।
यह हैं लक्षण तो जरूर कराएं चेकअप-
-दो सप्ताह से अधिक खांसी
-दो सप्ताह से अधिक बुखार
-बलगम में खून आना
-भूख में कमी
-वजन का कम होना
-रात में पसीना आना
-गले में गांठ (लिम्फनोड)
-महिलाओं में बांझपन की समस्या