बिलासपुर (रामपुर)। स्थानीय मंडी के व्यापारियों ने बेचे गए साठा धान के करीब डेढ़ करोड़ रुपये न देने पर सोमवार को व्यापारियों ने हरियाणा के हिसार के एक राइस मिल मालिक के बेटे समेत चार लोगों को घेर लिया। व्यापारी तीनों लोगों को नवीन मंडी ले गए, जहां पूरा दिन हंगामा होता रहा और मौके पुलिस भी पहुंच गई। दोनों पक्षों की आपसी बातचीत भी शाम तक होती रही। मगर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
व्यापारियों ने बताया कि करीब एक माह पूर्व हरियाणा जिले के हिसार के एक राइस मिलर्स ने अपने परचेजर के माध्यम से स्थानीय मंडी के एक आढ़ती के जरिए करीब डेढ़ सौ लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का साठा धान खरीदा था। आरोप है कि राइस मिलर्स खरीदे गए धान को यहां से ले गया, मगर किसी भी व्यापारी को साठा धान का भुगतान नहीं किया गया। व्यापारियों का कहना है कि वह लगातार स्थानीय मंडी के धान देने वाले मुख्य आढ़ती व पंजाब के राइस मिलर्स स्वामी से धान का भुगतान देने की मांग कर रहे थे। मगर किसी को कोई भुगतान नहीं दिया जा रहा था। सोमवार की सुबह स्थानीय व्यापारियों को सूचना मिली कि राइस मिलर्स की पत्नी व उनका बेटा तथा धान खरीदने वाला परचेज़र पहाड़ों पर सैर करने के लिए जा रहे हैं। व्यापारियों ने योजना बनाते हुए उन्हें घेर लिया और तीनों लोगों को नवीन मंडी स्थित धान बेचने वाली मुख्य आढ़त पर ले गए। कुछ ही देर में आढ़त पर धान बेचने वाले तमाम व्यापारियों की भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पाकर तराई खाद्य व्यापार संघ अध्यक्ष सुनील गुप्ता भी अपने तमाम व्यापारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। व्यापारियों ने धान खरीदने वालों से बेचे गए धान के डेढ़ करोड़ रुपये देने की मांग की। आरोप है कि धान खरीदने वाले लोग धान का भुगतान देने के लिए टालमटोल करने लगे। इसके बाद व्यापारियों ने ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के पुत्र गुरुकीरत सिंह औलख, पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष चेतन पारुथी, व्यापार मंडल से जुड़े तमाम व्यापारियों आदि को भी मंडी बुला लिया।
जमकर हुआ हंगामा तो मौके पर पहुंची पुलिस
हंगामा बढ़ने पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मगर पुलिस को मामले से दूर रखा गया। दोनों पक्षों के मध्य आपसी वार्ता हो रही है। तराई खाद्य व्यापार संघ अध्यक्ष ने बताया कि पंजाब के राइस मिलर्स द्वारा स्थानीय मंडी के करीब डेढ़ सौ लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का साठा धान धोखाधड़ी कर खरीदा गया है, मगर उन्हें कोई भुगतान नहीं किया गया है। सभी लोग उक्त राइस मिलर्स से बेचे गए अपने धान के रुपए मांग रहे हैं।फिलहाल दोनों पक्षों में आपसी वार्ता हो रही है। उन्होंने बताया कि वार्ता के बाद समस्या का समाधान होने की संभावना है। व्यापारियों का कहना है कि किसानों का माल खरीदने के बाद रुपये न देने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। व्यापारियों का आरोप है कि धोखाधड़ी कर अनाज खरीदने वाले लोगों ने स्थानीय तमाम व्यापारियों को इससे पहले भी चूना लगाया जा चुका है। कई मामलों की रिपोर्ट भी पुलिस में दर्ज कराई जा चुकी हैं।