फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur News: कारसेवा के लिए पुलिस को चकमा देकर पहुंचे थे अयोध्या

विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन जिले में भी रामोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। चारों ओर माहौल राममय नजर आ रहा है। ऐसे में राममंदिर आंदोलन में शामिल रहे कारसेवक अपने संघर्ष को याद कर रहे हैं। कारसेवक बताते हैं कि 1990 में अयोध्या कूच करने से पहले ही तमाम कारसेवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। कुछ कारसेवक पुलिस को चकमा देकर अयोध्या गए थे। इसके चलते उन्हें जेल भी जानी पड़ी। अब राममंदिर बनने पर बेहद खुशी हो रही है। राममंदिर आंदोलन 1990 से लेकर 1992 तक चरम पर रहा था। इस दौरान मिलक क्षेत्र के कारसेवक बड़ी संख्या में अयाेध्या गए थे। तमाम कारसेवकों को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया था। छह दिसंबर 1992 के दिन अयोध्या में रामभक्तों का सैलाब उमड़ा था। सभी जय श्रीराम के जयकारे लगा रहे थे। आज एक बार फिर वही दिन लौट के आया है, लेकिन अब अयोध्या में श्रीराम जी का भव्य मंदिर बन चुका है। सभी रामभक्तों के लिए यह गर्व और खुशी का क्षण है। तमाम हिंदू संगठन अयोध्या से आए पूजित अक्षत घर-घर बांट रहे हैं। चारों ओर 22 जनवरी को रामोत्सव मनाने की तैयारी चल रही है। इसके बाद जल्द ही अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे।
विज्ञापन

-
कारसेवा में ये रहे थे शामिल
नवनीत यदुवंशी, अजय सिंघल, रमेश गंगवार, प्रेमपाल, धीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, अशोक कुमार, अनिल पांडे, तोताराम कश्यप, राकेश चौधरी, कमल रस्तोगी, प्रताप सक्सेना, राकेश सक्सेना, प्रमोद सक्सेना, रावेश यादव, मिढ़ई लाल, प्रसादी लाल, अत्री, आदि लोग शामिल रहे थे। इसके अलावा ईश्वरी प्रसाद, सुरेश चंद गंगवार, कपिल देव अग्रवाल, हरिओम अग्रवाल, डॉ. मंजीत सिंह कल्ला, विजेंद्र लाहोटी, जानकी प्रसाद, नुक्ता प्रसाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया था।

-
1990 में अयोध्या कूच के दौरान तमाम साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस मेरे घर पर भी दबिश दे रही थी। पुलिस को चकमा देकर कई साथियों के साथ अयोध्या गया था। वहां पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया था। कई साथी घायल हो गए थे। अब वहां भगवान राम का भव्य मंदिर बन गया है। बेहद खुशी हो रही है। रामोत्सव को भव्य तरीके से मनाने की तैयारी की जा रही है। - रावेश यादव, पूर्व जिला सह संयोजक बजरंग दल।
विज्ञापन

-

कारसेवा के लिए जब अयोध्या पहुंचे थे तब वहां माहौल काफी गर्म हो गया था। पुलिस लोगों पर लाठियां बरसा रही थी। तब अपने साथियों के साथ पास के एक गांव में छुप गए थे। गांव के लोगों ने ही हमें खाना दिया था। बाद में अगले दिन अयोध्या पहुंचे थे तो वहां लाखों रामभक्त जुटे थे। उनके साथ मिलकर कारसेवा की थी। कुछ घायल साथियों को अस्पताल भी जाना पड़ गया था। अब लग रहा जीवन का बड़ा उद्देश्य पूरा हो गया। रामलला अपने भवन में विराजमान हो रहे हैं।
विज्ञापन

प्रताप सक्सेना, पूर्व नगर मंत्री, विश्व हिंदू परिषद, मिलक।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें