रामपुर। अवैध निर्माण कर कॉलोनी बसाने वालों पर रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को कार्रवाई के लिए पहुंची टीम को बेनजीर घाटमपुर में बिना नक्शे के बनाई जा रही काॅलोनी के निर्माणकर्ताओं ने नक्शा पास कराने की फीस के तौर पर 2.10 करोड़ रुपये के चेक दे दिए। इसके बाद टीम बिना ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए वापस लौट गई। आरडीए की ओर से लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। शहर के बेनजीर घाटमपुर में काॅलोनी विकसित की जा रही है। चार हेक्टेयर भूमि पर प्राधिकरण से बिना अनुमति प्राप्त किए भूखंडों को बेचा जा रहा था। रोक के बाद भी यहां पर निर्माण कार्य चल रह था। बिजली विभाग की ओर से ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया था। जानकारी मिलने पर आरडीए की टीम ध्वस्तीकरण के लिए रविवार को बेनजीर घाटमपुर पहुंची, जहां बिजली विभाग की टीम ने ट्रांसफार्मर को हटवा लिया।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई से पहले ही घबराए कॉलोनी निर्माण कराने वालों ने 2.10 करोड़ रुपये के चेक प्राधिकरण टीम को सौंप दिए। ये चेक प्राधिकरण के कोष में जमा कराए गए। आरडीए अफसरों के मुताबिक उक्त धनराशि मानचित्र स्वीकृति के देय धनराशि के सापेक्ष समायोजित की जाएगी। इस मामले की जानकारी जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह को दी गई, जिसके बाद आरडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई स्थगित कर दी।
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चार बार ध्वस्तीकरण के बाद भी हो रहा था काम
घाटमपुर बेनजीर में बन रही काॅलोनी अवैध तरीके से बनाई जा रही थी। जिस पर आरडीए की ओर से 28 जुलाई 2017 में ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई थी। इसके बाद 27 मार्च 2018, सात मार्च 2020 एवं नौ अगस्त 2023 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। लगातार कार्रवाई के बाद भी निर्माण कार्य कराया जा रहा था।