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Rampur : रास्ते पर था कब्जा तो ग्रामीणों ने अर्थी रख किया प्रदर्शन, शासन ने दिया अतिक्रमण से मुक्ति का आश्वासन

Mon, 31 Jul 2023 02:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

सूचना मिलने पर मौके पर लेखपाल और पुलिस के साथ तहसीलदार पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार करवाया और दो दिन में रास्ते को कब्जा मुक्त कराने का आश्वासन दिया। 
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कब्जे का विरोध... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिलक (रामपुर) में श्मशान घाट के रास्ते में सरकारी जमीन पर कब्जे के विरोध में रविवार को लाड़पुर गांव के लोगों ने अर्थी रखकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर मौके पर लेखपाल और पुलिस के साथ तहसीलदार पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार करवाया और दो दिन में रास्ते को कब्जा मुक्त कराने का आश्वासन दिया। 

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ग्राम लाड़पुर में दबंगों का ने सरकारी रास्ते पर कब्जा कर लिया है। जमीन को खेत में मिलाकर दबंगों ने फसल बो दी है। इसी रास्ते से ग्रामीण शव लेकर श्मशाम घाट जाते हैं। रास्ते में कब्जा होने से निकलने में परेशानी होती है। रविवार को गांव निवासी धर्मवीर की बहन रामप्यारी (55) का बीमारी के चलते निधन हो गया था। 

अर्थी लेकर परिजन और ग्रामीण श्मशान घाट जा रहे थे, लेकिन रास्ता न होने से परेशानी होने लगी। इससे नाराज होकर लोगों ने अर्थी को जमीन पर रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर तहसीलदार राकेश चंद्रा, लेखपाल श्रुति और पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए। लोगों ने तहसीलदार से रास्ते पर कब्जे की शिकायत की। तहसीलदार ने लोगों को आश्वासन दिया कि दो दिन में रास्ते को कब्जामुक्त करा दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से अर्थी उठाने की अपील की। तहसीलदार के आश्वासन पर ग्रामीण मान गए और शव ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। 
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पहले भी कई बार शिकायत कर चुके हैं ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते पर कब्जे को लेकर पहले भी अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन, सुनवाई नहीं हुई। श्मशाम घाट जाने का यही रास्ता है और उस पर भी दबंगों ने कब्जा कर रखा है। इससे काफी परेशानी होती है। अब तहसीलदार ने रास्ते को कब्जामुक्त कराने का आश्वासन दिया है। 

रास्ते पर कब्जा होने के विरोध में ग्रामीणों द्वारा अर्थी रखकर प्रदर्शन करने की सूचना पर मौके पर पहुंचकर जानकारी की थी। ग्रामीणों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। दो दिन के अंदर पैमाइश कराकर रास्ते को कब्जामुक्त करा दिया जाएगा। 
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- राकेश चंद्रा, तहसीलदार, मिलक

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