पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मैनपुरी ने लोगों ने तय कर लिया था कि चाहे जान चली जाए, लेकिन वे वोट डालने जरूर जाएंगे। इसी तरह रामपुर के लोगों को भी तय कर लेना चाहिए था कि कि चाहे जान चली जाए लेकिन हमें वोट जरूर डालना है। लोकतंत्र बचाने जाएंगे तो वहां भी परिणाम कुछ और होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मैनपुरी की जीत पर कहा कि लोगों ने तय कर लिया था कि वोट डालने जरूर जाएंगे, चाहे जान चली जाए। ऐसे ही रामपुर के लोगों को तय करना चाहिए था। इस पर बगल में बैठे आजम खां उनकी बात के बीच में ही बोले कि वहां (मैनपुरी) गोली नहीं चलती लेकिन रामपुर में गोली चल जाती। हमने लोगों को बचाया है।
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मैनपुरी ने लोगों ने तय कर लिया था कि चाहे जान चली जाए, लेकिन वे वोट डालने जरूर जाएंगे। इसी तरह रामपुर के लोगों को भी तय कर लेना चाहिए था कि कि चाहे जान चली जाए लेकिन हमें वोट जरूर डालना है। लोकतंत्र बचाने जाएंगे तो वहां भी परिणाम कुछ और होगा।
ये सुनते ही बगल में बैठे आजम खां बीच में ही बोल पड़े। कहा, वहां (मैनपुरी में) गोली नहीं चलती लेकिन रामपुर में गोली चल जाती। लोग मारे जाते। हमने मरने से बचाया है लोगों को। हमें मालूम था मारे जाएंगे लोग। उनको हमने मरने से बचाया है। वरिष्ठ नेता आजम खां की बातों को सुनकर अखिलेश यादव कुछ देर के लिए असहज हो गए।
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सांसद के घर के बाहर रोके गए नेता गुस्साए
अखिलेश यादव सांसद डॉ. एसटी हसन से मिलने के लिए उनके घर गए। यहां परिवार के लोगों ने अखिलेश सिंह यादव का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान पुलिस ने ठाकुरद्वारा विधायक नवाबजान, कुंदरकी विधायक जियाउर्रहमान बर्क, पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, डीपी यादव 20 मिनट तक बाहर रोक लिया, जिस पर जनप्रतिनिधि नाराज हो गए। उनका कहना था कि सांसद ने उनको मिलने के लिए बुलाया था।