जिले में वैक्सीन खत्म होने के कारण कोविड वैक्सीनेशन अभियान बंद है। इसी कारण अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। जिले में अधिकांश लोगों को कोविड की पहली और दूसरी खुराक लग चुकी है। बूस्टर डोज लगवाने के मामले में जिलेवासी पीछे रह गए। यहां पर 13.31 लाख लोगों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य था। जिनमें 4. 36 लाख लोगों को ही बूस्टर डोज लग पाई है।
कोविड की शुरुआत होने के बाद से लोगों के शरीर में मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए वैक्सीन लगाई गईं। इसके लिए जिला अस्पताल से लेकर अलग-अलग जगहों पर 300 के करीब वैक्सीनेशन केंद्र बनाए गए। जिले में अधिकांश लोगों ने पहली और दूसरी डोज लगवा ली थी। दोनों डोज लगवाने के 6 महीने बाद बूस्टर डोज लगवाना था लेकिन लोग इसमें पीछे रह गए।
शासन की तरफ से 30 सितंबर तक मुफ्त बूस्टर डोज लगवाने का कार्यक्रम था। इसको लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया। 30 सितंबर के बाद जिले में करीब 4000 वैक्सीन बचीं थीं जो लोगों को लगा दी गईं। अब जिले में कोविड की वैक्सीन नहीं होने के कारण वैक्सीनेशन बंद पड़ा हुआ है। इसके लिए शासन की तरफ से भी कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं। वैक्सीन नहीं होने से निजी अस्पतालों में भी वैक्सीनेशन बंद है।
इतने लोगों ने लगवाईं बूस्टर डोज
18-44 आयु वर्ग- 2.53 लाख
45-60 आयु वर्ग- 94,418
60प्लस- 60, 350
कोविड की पहली खुराक
18 प्लस- 17, 20, 058
15-18 आयु वर्ग- 1, 62, 693
12-14 आयु वर्ग- 99, 330
कोविड की दूसरी खुराक
18 प्लस- 17,36,789
15-18 आयु वर्ग- 1, 57, 974
12-14 आयु वर्ग- 93,170
सप्ताह भर से कोविड की वैक्सीन नहीं है। इसलिए लोगों का वैक्सीनेशन नहीं हो पा रहा है। अभी शासन की तरफ से भी वैक्सीनेशन के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं।
-डॉ. आर चंद्रा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी