रामपुर। रामपुर रियासत में नवाबों ने सिर्फ अपने शौक और विलासिता पर ही ध्यान नहीं दिया बल्कि रियासत में सांप्रदायिक सौहार्द्र और भाईचारा बना रहे इसके लिए भी कार्य किए। रामपुर रियासत में शहर के बीच में पहला शिव मंदिर भी रामपुर रियासत के सातवें शासक बने नवाब कल्बे अली खां ने बनवाया। इस मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास पूजन में नवाब कल्बे अली खां ने सोने की ईंट की रखकर पूजन करवाया। इतना ही नहीं इससे पहले शहर की सीमा से बाहर भमरौआ में स्थित ऐतिहासिक श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर के निर्माण में भी उस समय के शासक नवाब अहमद अली खां ने भूमि दान दी थी। रामपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब का परिचायक रहा है। रामपुर की हिंदू-मुस्लिम एकता की नींव रियासत काल में ही रख दी गई थी। रामपुर रियासत के शासकों ने सभी धर्मों का सम्मान किया और हिंदू धर्म के लोगों के लिए भी जहां एक और मंदिरों का निर्माण करवाया तो वहीं हिंदू त्योहारों पर बड़े स्तर पर आयोजन कर धूमधाम से मनाए गए।