हैदराबाद रियासत के आखिरी निजाम मीर बरकत अली खान और नवेद मियां
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हैदराबाद रियासत के आखिरी निजाम मीर बरकत अली खान वालाशन मुकर्रम जाह बहादुर के निधन से रामपुर के शाही खानदान में गम का माहौल है। नूरमहल पर शाही परचम झुका दिया गया है। निज़ाम ऑफ हैदराबाद से रामपुर नवाब के बहुत अच्छे संबंध थे।हैदराबाद रियासत के आखिरी नवाब मीर बरकत अली खान का शनिवार की रात निधन हुआ है। उन्होंने 89 साल की उम्र में तुर्की के इंस्ताबुल में आखिरी सांस ली। उनकी इच्छा के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार हैदराबाद में किया जाएगा।
नवाब मीर बरकत अली खान के निधन की खबर से नूर महल में गम का माहौल है। रामपुर के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कहा कि नवाब मीर बरकत अली खान का निधन अफसोसनाक है। उनके दादा मीर उस्मान अली खान से नवाब रज़ा अली खां के बहुत अच्छे रिश्ते थे। जब निजाम ऑफ हैदराबाद रामपुर आए थे तो उनका बहुत शानदार इस्तकबाल किया गया था। रामपुर का नवाब गेट भी उनके ही स्वागत के लिए बनाया गया था। तब खासबाग में भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित हुए थे। उन्होंने बताया कि निज़ाम ऑफ हैदराबाद और रामपुर के नवाब ने मिलकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना में अहम योगदान दिया था। दोनों ने सर सैयद अहमद खां को आर्थिक सहयोग प्रदान कर एएमयू की नींव रखवाई थी।