परिजनों के मुताबिक अचानक प्लेटलेट्स कम होने की वजह से मधुर श्याम को उसी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। दिवाली की शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ देर में उनकी मौत हो गई। पति के मौत के कुछ घंटों के बाद ही उनकी पत्नी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।
एक ही दिन पति-पत्नी की मौत की खबर रामपुर पहुंच तो शोक की लहर दौड़ गई। लोगों डायमंड कॉलोनी स्थित उनके आवास पर शोक प्रकट करने के लिए पहुंच गए। मंगलवार को दोनों का शव रामपुर लाया गया और गवर्नमेंट रोड स्थित इसाइयों के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
इस मौके पर बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मारगेट जोसेफ ने रामपुर के कई पब्लिक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया। वो जोसेफ मैम के नाम से जानी जाती थीं। दोनों अपने पीछे बेटे मयूर, बेटी माधुरी, एगनस और मोनिका को छोड़ गए हैं।