पिछड़ा वर्ग आरक्षण आयोग के अध्यक्ष राम औतार सिंह ने की बैठक
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उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने कहा है कि निकायों के आरक्षण में बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से सभी जिलों में सर्वे किया जा रहा है। वहां मिलने वाली जानकारी के आधार पर आयोग रिपोर्ट तैयार सरकार को पेश करेगी। निकाय के चुनाव कब कराए जाएंगे इस बात का फैसला सरकार लेगी।
न्यायमूर्ति रामऔतार सिंह रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आयोग इस बात का अध्ययन कर रहा है कि निकाय चुनाव के लिए जो आरक्षण तय किया था उसमें पिछड़ों को उचित प्रतिनिधित्व मिला है या नहीं। उन्होंने कहा कि जहां आरक्षण में बदलाव का सवाल है तो निकायों के अध्यक्ष पद से लेकर वार्डों के आरक्षण तक में आवश्यकता के मुताबिक फेरबदल किया जा सकता है। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि रविवार को रामपुर में जनप्रतिनिधियों से जो बातचीत हुई है उसमें आरक्षण को लेकर बहुत ज्यादा आपत्ति नहीं दर्ज कराई है। जनप्रतिनिधियों से कहा है कि वो अपने सुझाव जिलाधिकारी के कार्यालय में लिखित रूप से दे सकते हैं।
इससे पहले जनप्रतिनधियों और अधिकारियों साथ हुई बैठक में उन्होंने पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की। उन्होंने प्रत्येक अधिशासी अधिकारी से 2012 और 2017 में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की स्थिति, स्थानीय निकाय क्षेत्र में कुल जनसंख्या और उसमें अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों से भी उनके निकाय क्षेत्र में पूर्व में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों के बारे में जानकारी के साथ-साथ उनकी आपत्तियों के बारे में चर्चा की। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने कोई भी विशेष आपत्ति दर्ज नहीं कराई। न्यायमूर्ति रामऔतार सिंह ने प्रशासनिक स्तर से की गई तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी की सराहना की। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन लालता प्रसाद शाक्य सहित समस्त अधिशासी अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।