अब्दुल्ला आजम की हुई पुलिस से नोकझोंक
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सपा विधायक अब्दुल्ला आजम ने कहा है कि रामपुर में चुनाव नहीं, धांधली हुई है। अगर ऐसा ही करना है तो फिर चुनाव क्यों करवाया। हम तो पहले से कह रहे थे कि दे दीजिए जीत का सर्टिफिकेट। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं को बूथ तक पहुंचने नहीं दिया गया। एक खास वर्ग के लोगों के मोहल्लों में पुलिस का पहरा बैठा दिया गया था। पुलिस ने किसी को घर से बाहर कहां निकलने दिया है। जिसने निकलने की कोशिश की है उसको बहुत मारा है।
रजा डिग्री कॉलेज के बूथ पर वोट डालने पहुंचने अब्दुल्ला ने कहा कि अभी तक पोलिंग के जो आंकड़े हैं वो तो बहुत हैं। अधिकारियों को डांट पड़ जाएगी इतनी पोलिंग क्यों हो गई। मुझे तो उम्मीद थी कि शाम पांच बजे तक तीन फीसदी पोलिंग होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बहुत अच्छा इंतजाम किया था। सुरक्षा ऐसी थी कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। एक खास वर्ग के वोटर अपना वोट कैसे डाल देते। पुलिस ने लोगों का बहुत उत्पीड़न किया है। पुलिस तो लोगों की सुरक्षा के लिए होती है। जब पुलिस ही अत्याचार करेगी तो लोग कहां जाएंगे। पुलिस ने जब हमारे प्रत्याशी को गिरफ्तार कर लिया तो आम वोटर की क्या औकात है। वह दरोगा जी की लाठी का सामना कैसे कर सकता है। हड्डी नहीं तोड़ देंगे दरोगा जी और इसकी कहीं सुनवाई भी नहीं होगी।
अब्दुल्ला की एएसपी से हुई तीखी नोकझोंक
सपा विधायक अब्दुल्ला आजम की एएसपी डॉ. संसार सिंह से रजा डिग्री कॉलेज में तीखी नोकझोंक हो गई। अब्दु्ल्ला ने एएसपी से शिकायत की कि एक खास वर्ग के वोटरों को बूथ पर आने से रोका जा रहा है तो एएसपी ने इसको गलत बताया। एएसपी ने इसको गलत बताया। दोनों के बीच हो रही नोकझोंक को कवर रहे पत्रकारों पर भी एएसपी बिफर पड़े और उनको भला बुरा कहा।
इससे पहले रविवार को पुलिस पर सपाइयों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सपा के प्रत्याशी आसिम राजा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एसपी आवास के सामने धरना दिया। अफसरों के समझाने पर भी सपाई धरने पर डटे रहे और सेना की देखरेख में चुनाव कराने की मांग करते रहे। रात में कुछ महिलाओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर आजम खां की गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी। महिलाएं भी सपाइयों के सामने धरने पर बैठ गईं। एसपी आवास के बाहर आमने-सामने दो धरनों और विरोधाभासी नारों से माहौल गर्माता देख पुलिस ने महिलाओं को समझाकर हटाया तो सपाइयों को लाठियां मारते हुए खदेड़ था।