रामपुर में विधानसभा का उपचुनाव आजम खान के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान अपने प्रभाव को बरकरार रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। जबकि हाल ही में हुए संसदीय उपचुनाव में जीत से उत्साहित भाजपा भी पूरे दमखम के साथ मैदान में है और आजम के किले को भेदने की पूरी कोशिश में जुटी है।
समाजवादी पार्टी ने आजम खान के विश्वासपात्र असीम रजा को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा ने 5 दिसंबर को होने वाले रामपुर सदर विधानसभा उपचुनाव के लिए आकाश सक्सेना को चुना है। बता दें कि नफरत फैलाने वाले भाषण मामले में अदालत के फैसले के बाद आजम खान की अयोग्यता के कारण उपचुनाव हो रहा है।
आजम खान विभिन्न मामलों में दो साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए हैं। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के समय से सपा के मुस्लिम चेहरे माने जाने वाले खान भावनात्मक अपील के साथ निर्वाचन क्षेत्र में घूमकर पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में लोगों से मतदान की अपील कर रहे हैं। साथ ही लोगों को बता रहे हैं कि भाजपा सरकार द्वारा झूठे आरोपों के आधार पर उन पर अत्याचार किया गया।
दूसरी ओर भाजपा डबल इंजन की सरकार से होने वाले फायदों को गिनाकर जनता से पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील कर रही है। रामपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत के बाद पार्टी आजम खान के किले को किसी भी हाल में भेदना चाहती है।