डॉ. तजीन फात्मा
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सपा नेता आजम खां पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उनकी पत्नी और पूर्व विधायक डॉ. तजीन फात्मा ने पुलिस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि पहले आजम खां की विधायकी चली गई। इसके बाद उनके वोट डालने का अधिकार समाप्त कर दिया गया।
क्या अब उनको वोट मांगने का भी अधिकार नहीं है। वो सत्ताधारी पार्टी पर हमला न बोले इसलिए उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करने का फैशन सा बना लिया है। आजम खां ने मुंह खोली नहीं की एफआईआर पहले से तैयार है।
शुक्रवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में डॉ.फात्मा ने कहा कि आजम खां ने किसी मां-बहन के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है। उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है । उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ अभद्रता तो पुुलिस कर रही है। इसका शिकार मैं खुद हुई हूं। मैं एक मरीज को देखने गई थी। दो-तीन मिनट बाद ही 200 से 300 पुलिस वाले वहां आए और दरवाजा खटखटाया और दरवाजा नहीं खोलने पर तोड़ दिया।
एक पुलिस कर्मी ने मेरी बात एक इंस्पेक्टर से फोन पर कराई। इंस्पेक्टर ने बहुत ही अभद्र भाषा में कहा कि अपने घर में बैठिए और 05 दिसंबर तक घर से बाहर मत निकलना। क्या यह अभद्रता नहीं है। मैंने इस बात की जानकारी एसपी को भी दी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि मैं देखता हूं क्या हो सकता है। मेरा अभी भी अनुरोध है कि अगर वो इंस्पेक्टर को दोषी मानते हैं तो मेरी ओर से एफआईआर लिखी जाए।