रामपुर में घर में घुसकर मारपीट और जानलेवा हमला करने के मामले में कोर्ट ने तीन सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कैद और 26- 26 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
मामला सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के शिवापुरम कॉलोनी का है। कॉलोनी निवासी भाजपा नेता महा सिंह राजपूत ने 07 फरवरी 2009 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि रहमान बिल्डिंग, ज्वाला नगर निवासी तीन सगे भाइयों मुकेश, प्रेमशंकर और राजेश ने उनके घर पर हमला कर दिया था। हमले में उनकी पत्नी आशा राजपूत और बेटी उर्मिला घायल हो गईं। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मुकदमे की सुनवाई सोमवार को अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) विजय कुमार द्वितीय की कोर्ट में हुई।
अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वादी मुकदमा सहित कई गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है और पत्रावली पर उनके मुवक्किलों के खिलाफ अभियोजन पक्ष पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सका है। लिहाजा आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने मुकेश शर्मा और उनके भाई प्रेमशंकर शर्मा और राजेश शर्मा को दोषी मानते हुए दस-दस साल की कैद और 26-26 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जुर्माने की आधी धनराशि पीड़ित पक्ष के आशा देवी और उर्मिला को दी जाए।