रामपुर। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारतीय स्टेट बैंक गेट के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें अडानी के एलआईसी और एसबीआई के पैसे डुबाने का आरोप लगाया। इस दौरान काफी देर तक यहां नारेबाजी करने के बाद नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा।
जिला कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ता एकत्र हुए। यहां से जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र देव गुप्ता के नेतृत्व में जोरदार नारेबाजी करते हुए स्टेट बैक की मुख्य शाखा पर पहुंचे। यहां केद्र सरकार हाय-हाय और अडानी अंबानी की सरकारी नहीं चलेगी के नारे लगाए। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि मोदी सरकार ने अपने करीबी दोस्तों और चुनिंदा अरबपतियों को फायदा पहुंचाने की नीति बना रखी है। जिसको लेकर खासकर गरीब और मध्यम वर्ग बहुत चिंतित है। कहा कि मोदी सरकार ने अडानी समूह में एलआईसी और एसबीआई जैसे सरकारी संस्थानों के बेहद जोखिम भरे लेनदेन और निवेश ने भारत के निवेशक को एलआईसी के 29 करोड़ पॉलिसी धारको और एसबीआई के 45 करोड़ खाताधारकों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। बताया कि पिछले कुछ दिनों में एलआईसी के 29 करोड़ों पॉलिसी धारको और निवेशकों को 33060 करोड़ का नुकसान हुआ है। भारतीय स्टेट बैंक एसबीआई और अन्य भारतीय बैंकों ने अडानी समूह को भारी मात्रा में लोन दे रखा है। कहा कि अडानी समूह पर भारतीय बैंकों का लगभग 80 हजार करोड़ का बकाया है कांग्रेस पार्टी कभी किसी खास भारतीय कारपोरेट घराने के खिलाफ नहीं रही है।कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या एक संयुक्त संसदीय समिति जेपीसी के तहत फ्रीडम रिसर्च रिपोर्ट के उसकी विस्तार से निष्पक्ष जांच की एलआईसी, एसबीआई और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक की जबरदस्त निवेश पर संसद में चर्चा की जानी चाहिए। निवेशकों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। इस मौके पर शहर अध्यक्ष नोमान खां, पूर्व विधायक अफ़रोज अली खां, मामुन शाह खां, निक्कू पण्डित, दिव्यांश सिंघल, अब्दुल जब्बार खां, ताहिर अंजुम, रामगोपाल सैनी, दामोदर सिंह गंगवार, हसीब खाँ, शैजी सैफी, शारिब अली खां समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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