आजम खां व अब्दुल्ला आजम (फाइल फोटो)
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आजम खां की सदस्यता समाप्त होने के बाद रामपुर विधानसभा सीट पर फिर से उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। भाजपा और अन्य दलों के कई नेता अभी से विधायक बनने के सपने देखने लगे हैं। कइयों ने खुद को अभी से प्रत्याशी भी घोषित करना शुरू कर दिया है।
रामपुर शहर विधानसभा सीट पर 2019 में उप चुनाव हुआ था। उस वक्त आजम खां लोकसभा का चुनाव जीते थे और उन्होंने विधानसभा की सीट छोड़ दी थी। उप चुनाव में आजम खां ने सपा के टिकट पर अपनी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा को उतारा था। उनके मुकाबले भाजपा से भारत भूषण गुप्ता मैदान में थे। गुप्ता ने सपा ने परंपरागत वोट बैंक में सेंध जरूर लगाई थी, लेकिन वो उन इलाकों में हार गए जिसे भाजपा का गढ़ कहा जाता है। गुप्ता उप चुनाव हार गए थे।
2022 के विधानसभा चुनाव में लोकसभा का सदस्य होते हुए आजम खां विधानसभा का चुनाव लड़े और जीत गए। इसके बाद उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया। आजम खां के इस्तीफे के बाद 2022 में रामपुर संसदीय सीट पर उप चुनाव हुआ, जिसमें जीत भाजपा के हाथ लगी। अब आजम खां की विधानसभा की सदस्यता समाप्त होने की वजह से उप चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हुई है।