रामपुर। जिला सहकारी बैंक के निलंबित कर्मचारियों ने बैंक सचिव पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। आक्रोशित कर्मचारियों ने मंगलवार को बैंक में धरना दिया। उनका कहना था कि एक ही तरह के गबन के मामलों में 20 से अधिक कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। जबकि स्वार शाखा के कर्मचारियों को सिर्फ नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बैंक सचिव की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मंगलवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत जिला सहकारी बैंक के निलंबित कर्मचारी शाखा प्रबंधक संत किशोर चौरसिया के नेतृत्व में एकत्र हुए। इसके बाद बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि जिला सहकारी बैंक की अलग-अलग शाखाओं में गबन के मामले सामने आए थे। जिसके बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों को दोषी ठहराते हुए निलंबित कर दिया था। जबकि गबन के जो आरोप थे वह पैसा भी पूरा जमा हो गया था। इसके बाद भी 20 से अधिक कर्मचारी दो साल से निलंबित चल रहे हैं। जबकि गबन का वैसा ही मामला स्वार शाखा में भी सामने आया, लेकिन प्रबंधन ने वहां सिर्फ नोटिस जारी करने तक की कार्रवाई की, जो न्याय संगत नहीं है। सचिव के इस दोहरे मापदंड को लेकर बैंक के निलंबित कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने गुणदोष के आधार पर निलंबित कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की है। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद यादव, कुमुदनी, चंद्र प्रकाश, रामगोपाल यादव, सुनील पाल, रमेश चंद्र, योगेंद्र, सुनील कुमार मौर्य, मुनव्वर हसन, विशाल कुमार आदि उपस्थित रहे।