रामपुर। भारतीय किसान यूनियन असली के कार्यकर्ता आंबेडकर पार्क से जोरदार नारेबाजी करते हुए रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोककर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। हालांकि, भाकियू के एलान को देखते हुए पहले से ही स्टेशन पर बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात था। इसके चलते किसान ट्रेन नहीं रोक सके। पुलिस के समझाने पर भाकियू असली के जिलाध्यक्ष मो. रफीक ने स्टेशन अधीक्षक आजम खां को ज्ञापन दिया और वापस लौट गए। सुबह करीब सवा 11 बजे भारतीय किसान यूनियन असली के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आंबेडकर पार्क पर इकट्ठा हुए। यूनियन के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर कार्यकर्ता ट्रेन रोकने स्टेशन के लिए रवाना हुअए। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर भी थाना पुलिस के साथ जीआरपी और आरपीएफ की पूरी टीम पहले से तैनात हो गई थी। यूनियन से सैकड़ों किसान जोरदार नारेबाजी करते हुए रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। यहां पर पहुंचकर किसानों ने थाना पुलिस और स्टेशन अधीक्षक से बातचीत की। पुलिस ने स्टेशन के अंदर जाने से किसानों को रोक दिया।
स्टेशन अधीक्षक आजम खां ने बताया कि किसी भी तरह का प्रदर्शन या फिर ज्ञापन बाहर ही देना होगा। उन्होंने बताया कि डीआरएम के इसके लिए सख्त निर्देश हैं। इसके बाद जिलाध्यक्ष मो. रफीक ने कोतवाल से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि पटरियों के पास जाने की अनुमति किसी को नहीं है। भारी पुलिसबल को देखकर किसानों ने अपने इरादे बदल दिए और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक सौंप दिया और फिर वापस लौट गए। इस दौरान किसान इशरत अली, फहीम, आशिफ हुसैन, अमरपाल सिंह, रामनाथ मौर्य समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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ज्ञापन में भाकियू असली ने रखीं ये मांगें
स्टेशन अधीक्षक आजम खां को दिए ज्ञापन में जिलाध्यक्ष ने कहा कि में किसान आंदोलन स्थगित करते समय केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा से लंबित मांगों को पूरा करने का लिखित वादा किया था, लेकिन मांगे अधूरी हैं। कहा कि किसानों के लिए सभी फसलों की एमएसपी की गारंटी का कानून बनाया जाए। डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। किसान एवं मजदूरों का कर्ज माफ किया जाए। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को पूरे देश में पुन: लागू किया जाए एवं भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की लिखित सहमति एवं सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाए।