रामपुर। पुलिस की टीम ने बृहस्पतिवार को नगरपालिका पहुंचकर दस्तावेज खंगाले। पुलिस की टीम कुछ देर तक रुकने के बाद वापस चली गई। पुलिस अधिकारियों ने अधिकृत रूप से इस मामले में कुछ कहने से इनकार कर दिया। जानकारों का कहना है कि पुलिस पालिका की सफाई करने वाली मशीन संबंधित के बारे में दस्तावेज खंगालने आई थी, जो पिछले दिनों जौहर यूनिवर्सिटी में गड्ढे में दबे हुई थी मिली थी।
जौहर यूनिवर्सिटी में पुलिस ने गड्ढे में दबी हुई रोड क्लीनिंग मशीन बरामद की थी। जिसके बारे में पुलिस का दावा है कि यह मशीन पालिका ने मंगाई थी, जिसका इस्तेमाल जौहर यूनिवर्सिटी में किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में सपा नेता आजम खां, विधायक अब्दुल्ला आजम, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खां, अनवार और सालिम सहित अन्य कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि पुलिस के दावे को पालिकाध्यक्ष फात्मा जबीं ने खारिज कर दिया था। उन्होंने दावा किया था कि यह मशीन पालिका की नहीं है। इसके बाद पुलिस ने पालिका के दस्तावेज जलाने के आरोप में पालिकाध्यक्ष समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। बाद में पुलिस ने पालिका के लेखा विभाग का कार्यालय सील कर दिया था। बुधवार को एसपी अशोक कुमार ने कुछ कागजात दिखाते हुए दावा किया था कि जिस कंपनी से मशीन से खरीद गई थी उसने पुष्टि की है कि मशीन पालिका के भेजी गई थी। बृहस्पतिवार को पुलिस की टीम ने पालिका के 27 नंबर कमरे में पहुंचकर दस्तावेज खंगाले। इस मौके पर सीओ केएन आनंद, ईओ इंदूशेखर मिश्रा और कोतवाली के इंस्पेक्टर क्रा इम सत्य विजय सिंह सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।