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Azam Khan: दिनभर आजम के स्कूल में डटे रहे अधिकारी, शाम को सपा दफ्तर भी सील, जानें कार्रवाई के पीछे की कहानी

Sat, 11 Nov 2023 02:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

सपा नेता आजम खां के स्कूल और सपा दफ्तर को सील करने के दौरान प्रशासन के पूरी तरह बनाई गई रणनीति के तहत कार्रवाई की। अफसर दिनभर आजम खां के रामपुर पब्लिक स्कूल (आरपीएस) पर जमे रहे। शाम को अचानक सपा कार्यालय (दारुल अवाम) को भी सील कर दिया। इसके बाद दोनों जगहों को माध्यमिक शिक्षा विभाग को सौंप दी गई है। 
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रामपुर पब्लिक स्कूल के बाहर तैनात पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सपा नेता आजम खां के रामपुर पब्लिक स्कूल (आरपीएस) और सपा कार्यालय (दारुल अवाम) को सील करते हुए प्रशासन ने इसे माध्यमिक शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। इसे प्रशासन की रणनीति कहें या फिर कुछ और, लेकिन हकीकत यह है कि सपा कार्यालय खाली कराने के लिए अफसर दिन भर गोलमोल जवाब देते हुए नजर आए। हालांकि, शाम पांच बजे प्रशासन एक्शन मोड में आ गया और सपा दफ्तर पर ताले लगा दिए। इससे पहले सपाई पूरी तरह निश्चिंत नजर आ रहे थे कि उनका दफ्तर बच जाएगा। कार्यालय पर कार्रवाई शुरू हुई तो सपाइयों ने विरोध किया, लेकिन बाद में पीछे हट गए और प्रशासन ने सपा कार्यालय पर सील लगा दी।

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यूपी सरकार ने जौहर ट्रस्ट को दी गई लीज को समाप्त कर दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने जौहर ट्रस्ट के प्रबंधक को नोटिस जारी कर जमीन को सात दिन में खाली करने को कहा था। इस नोटिस के बाद से आरपीएस में तो हलचल तेज हो गई थी, लेकिन सपाई दावा करते रहे कि इस नोटिस का सपा दफ्तर (दारुल आवाम) से कोई मतलब नहीं है। प्रशासन भी इसको लेकर असमंजस में नजर आया। शुक्रवार को जब अफसर पहुंचे तो पहले तो दिन भर रामपुर पब्लिक स्कूल को खाली कराने में लगे रहे।


मगर, सपा दफ्तर को खाली करने के सवाल पर अफसर टालमटोल करते हुए नजर आ रहे थे। शाम होते ही अचानक पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की गतिविधियां बढ़ने लगीं। कुछ ही देर में तोपखाना रोड स्थित स्कूल को सील कर दिया और पुलिस बल को आगे बढ़ा दिया गया।अफसर सपा दफ्तर की ओर बढ़े तो कुछ सपाई ही दफ्तर में थे।


अफसरों ने दफ्तर को खाली करने को कहा जिस पर सपाइयों की तकरार हुई। सपाइयों का दावा था कि जौहर ट्रस्ट से सपा कार्यालय का का कोई मतलब नहीं है। मगर, उनकी दलील अफसरों के सामने नहीं चली। सपाइयों की दलील को प्रशासन ने खारिज करते हुए उनको बाहर कर दिया और दफ्तर को सील कर दिया।

प्रशासन ने सामान निकालने तक का नहीं दिया समय : जिलाध्यक्ष

समाजवादी पार्टी दफ्तर में ताले लगने के बाद पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि दफ्तर को बिना नोटिस दिए बंद किया गया है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेज दी है। कहा कि समाजवादी पार्टी कार्यालय को जब सील किया गया उस समय नए वोटर बनाने काम चल रहा था।

पार्टी कार्यालय की जमीन को लेकर कोई विवाद नहीं है। इसके कागज भी दिखाए गए। उसके बाद भी पार्टी कार्यकर्ताओं को बाहर निकालकर कार्यालय सील कर दिया गया। कार्यालय में नई वोटर लिस्ट और जो फॉर्म आदि थे बंद हो गये। उन्हें निकालने का समय भी नहीं दिया, न ही पहले कोई नोटिस दिया गया था।

जेल में बंद हैं आजम खां

बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में आजम खां सीतापुर जेल में सात साल की सजा काट रहे हैं। आजम के साथ उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला को भी सात-सात साल की सजा हुई है। अब्दुल्ला हरदोई और तजीन फात्मा रामपुर जेल में बंद हैं।

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रातोंरात लगाया था सपा कार्यालय का बोर्ड

शिक्षा विभाग की जमीन को खाली कराने का नोटिस प्रशासन ने एक नवंबर को ही जारी कर दिया था। इस नोटिस जारी होने के बाद शिक्षा विभाग की जमीन पर ही स्थित दारुल आवाम (सपा दफ्तर) के गेट के बाहर दो दिसंबर की रात में समाजवादी पार्टी कार्यालय रामपुर का बोर्ड लगा दिया गया था। बोर्ड लगते ही पुलिस भी एक्टिव हो गई थी। इस बोर्ड पर पुलिस की भी नजर पड़ी थी ,जिसके बाद कुछ ही घंटो बाद यहां लगाया गया बोर्ड को भी हटा दिया गया था। सपाइयों का कहना था कि शिक्षा विभाग की जमीन से सपा कार्यालय का कोई मतलब नहीं है।

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