रामपुर। ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चे निमोनिया का शिकार हो रहे हैं। अस्पतालों में निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में निमोनिया के लक्षण वाले बच्चे पहुंच रहे हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल में सुबह 11 बजे बाल रोग विशेषज्ञ की कुर्सी खाली पड़ी हुई थी। ऐसे में बच्चों को लेकर आए अभिभावकों को परेशान होना पड़ा। हालांकि, कुछ समय बाद डॉक्टर आ गए और उन्होंने बच्चों को देखना शुरू किया। करीब 24 बच्चों को परिजन इलाज कराने के लिए लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में जनरल फिजीशियन के कमरों के बाहर भी रोगियों की लाइन लगी रही। रोगी डॉक्टर के पास अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
जनरल फिजीशियन डॉ. डीके वर्मा ने बताया कि दिन और रात के तापमान में गिरावट हो रही है। सुबह और शाम ठंड भी पड़ने लगी है। ऐसे में निमोनिया, बुखार, सर्दी, जुकाम समेत कई अन्य बीमारियां हमलावर हो रही हैं। ऐसे में उपचार के साथ-साथ ठंड से बचाव की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में तैनात बाल रोग विशषेज्ञ डॉ. पराग ने बताया कि इस मौसम में निमोनिया संक्रमण बच्चों को तेजी से अपनी चपेट में लेता है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों को सुबह-शाम गर्म कपड़े जरूर पहनाएं। खान-पान में ठंडी चीजों से परहेज रखें। एक माह तक के गंभीर बुखार वाले बच्चों को हम भर्ती कर रहे हैं।
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निमोनिया से बचाव को वैक्सीन अधिक कारगर
एसीएमओ डॉ. केके चहल के अनुसार निमोनिया फेफड़ों का एक गंभीर संक्रमण है, जो किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों पर अधिक घातक हमला करता है। संक्रमण में खांसी, बलगम और कफ पैदा हो सकता है जो हरा, पीला या खूनी होता है। इसलिए इससे बचाव में टीकाकरण कारगर है। जिले में इसकी वैक्सीन भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। अभिभावक अपने बच्चों का जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर टीकाकरण करा सकते हैं।