रामपुर। गेहूं खरीद की प्रक्रिया को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन गंभीर हो गया है। प्रशासन अब किसानों से उनके गांव में ही अस्थायी क्रय केंद्र बनाकर गेहूं खरीदेगा। इसके लिए डीएम ने सभी क्रय एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे सक्रिय होकर गेहूं खरीद को बढ़ाएं। साथ ही दूसरे प्रदेशों में सप्लाई होने वाले गेहूं पर भी नजर रखें।जिले में गेहूं खरीद की प्रक्रिया 156 क्रय केंद्रों पर संचालित हैं। शासन की ओर से 1,57000 टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके मुकाबले अभी तक खरीद की गति धीमी चल रही है। इसकी गति को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन गंभीर हो गया है।
जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक करके गेहूं खरीद को गति प्रदान करने निर्देश दिए हैं। उन्होंने क्रय केंद्र एजेंसियों के प्रबंधकों को कम खरीद वाले केंद्रों को लेकर फटकार लगाई। कहा कि एसडीएम अपने राजस्व कर्मचारियों के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को गति दें और स्वयं भी न्यूनतम खरीद वाले केंद्रों को चिह्नित कर प्रतिदिन निरीक्षण करें।
डीएम ने कहा कि अवैध रूप से गेहूं को बाहर जाने को रोकने के लिए जिले की सीमाओं पर रात्रि में सहकारिता विभाग के तहसील स्तरीय अधिकारियों को लगाया जाए, जो चेकिंग अभियान को प्रभावी बनाएंगे। जिले के हर क्रय केंद्र की दैनिक रूप से मॉनीटरिंग होगी।
उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिए कि वे अपनी ग्राम पंचायतों के बड़े किसानों के साथ समन्वय स्थापित करें और यदि वे भारी मात्रा में गेहूं बिक्री करना चाहते हैं और उन्हें केंद्र तक गेंहू लेकर जाने में कोई समस्या हो रही हो तो नजदीकी क्रय केंद्र को अस्थायी तौर पर उस गांव में संचालित कराकर खरीद कराएं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हेम सिंह, नगर मजिस्ट्रेट संदीप कुमार वर्मा सहित सभी एसडीएम और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।