रामपुर। वाहन स्वामियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उनके वाहनों की ऑटोमेटिक फिटनेस जांच हो सकेगी। मशीनों के जरिये वाहनों की जांच होने पर ही उसको फिट माना जाएगा। इसके लिए कंपनी को एलओआई (लेटर ऑफ इंडेंट) देकर स्वीकृति दे दी गई है। मई तक जांचें शुरू हो जाएंगी।परिवहन विभाग में अभी तक वाहनों की मैनुअल जांच होती थी। इससे विभाग पर आरोप लगती थी। वाहनों में तकनीकी दिक्कतों के कारण दुर्घटनाएं भी हो रही थीं। अब मशीनों के जरिये जांच होने पर काम में पारदर्शिता तो आएगी साथ ही वाहन खराबी दूर की जा सकेगी। ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर बनाने के लिए पहले चार कंपनियों के आवेदन किए गए थे। जिसमें से एक कंपनी बिलासपुर की मैसर्स श्रीराम वुड प्रोडक्टस इन कंसोर्शियम विद जयगुरु इंटरप्राइजेज को स्वीकृत दे दी गई है।
अब यह कंपनी अपनी दो एकड़ की जमीन पर ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर बनाने का काम करेगी। इस मैदान में आठ के अंक के आकार का घेरा बनाया जाएगा। इसके अलावा टायरों की जांच, लाइटिंग की व्यवस्था, पहियों की गति, इंजन की आवाज, सीटों की जांच, प्रेशर हार्न, ब्रेकिंग एफीशियंसी समेत अन्य कई प्रकार की जांचें हो सकेंगी। गाजियाबाद और लखनऊ में इस प्रकार वाहनों की जांच की जा रही है। मई से जिले में भी वाहन स्वामियों को ये सुविधा मिल सकेगी।
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रामपुर में जल्द ही ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर खुलने वाला है। संबंधित कंपनी को मानकों पर खरा उतरने पर स्वीकृति दे दी गई है। अब जल्द ही पूरे सेटअप के साथ वाहनों की जांचें होंगी। -राजेश श्रीवास्तव, एआरटीओ, रामपुर