रामपुर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस दो के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस के अंतर्गत मॉडल बनाया जा रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायतों के सहायक खातों में क्रेडिट लिमिट का निर्धारण किया जा चुका है। बावजूद इसके जनपद की छह ग्राम पंचायतों में तैनात सचिव ने ओडीएफ प्लस के विकास कार्यों में रुचि नहीं दिखाई और क्रेडिट लिमिट का पांच फीसदी व्यय भी पूरा नहीं किया। ऐसे लापरवाह पंचायत सचिव को नोटिस जारी हुए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी नंद किशोर कलाल ने बुधवार को विकास भवन सभागार में ग्राम पंचायतों में ओडीएफ प्लस के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि एसएलडब्ल्यूएम के अंतर्गत पीएफएमएस के माध्यम से ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने के लिए ग्राम पंचायतों के खाते में 1556.70 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट का निर्धारण किया गया है। संबंधित छह ग्राम पंचायतों को प्राप्त 243.09 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट में अब तक केवल 10.56 लाख रुपये का ही व्यय किया जा चुका है। इनमें विकास खंड शाहबाद की ग्राम पंचायत ढकिया में क्रेडिट लिमिट का एक भी रुपया व्यय नहीं किया गया है। इस प्रकार तैनात सचिवों ने ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने की कार्ययोजना में बड़ी लापरवाही दिखाई। इस पर कार्रवाई करते हुए सीडीओ ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी कर दिए हैं।