रामपुर। जीर्णोद्धार के बाद 25 साल बाद तैयार चमरौआ क्षेत्र में बने नाहल बैराज से पानी के लिए किसानों को ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उद्घाटन से पहले 80 क्यूसेक पानी छोड़कर इसका ट्रायल कराया जाएगा।
चमरौआ क्षेत्र के पीपली वन में नवाबी दौर में नाहल नदी पर बने नाहल बैराज के पानी से किसानों की फसल लहलहाती थी। समुचित पानी मिलने पर किसानों के लिए खेती करना आसान था, लेकिन देखरेख के अभाव में यह बैराज 1999 में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद इसे बंद कर दिया गया था। जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों के आगे सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था। किसान लगातार बैराज की मरम्मत कराने की मांग कर रहे थे।
पूर्व सांसद मुख्तार अब्बास नकवी के प्रयासों से दो साल पहले सिंचाई विभाग ने इस पर तेजी के साथ काम किया। अब यह बैराज बनकर तैयार हो चुका है। नाहल बैराज से निकलने वाली नहरों से करीब 7186 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। उद्घाटन से पहले नाहल बैराज को शुरू कराकर 80 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जिससे इसका ट्रायल लिया जाएगा। बेहतर संचालन होने के साथ चुनाव के बाद इसका संचालन किया जाएगा। बैराज से बगी माइनर, नाहल, शंखा, लोटा, डांडी, अहमद नगर, नुसरत नगर फीडर में पानी जाता है।
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उद्घाटन से पहले नाहल बैराज का ट्रायल किया जाएगा। 80 क्यूसेक पानी छोड़कर इसका ट्रायल करने के बाद चुनाव बाद इसका उद्घाटन करा दिया जाएगा। -सियाराम, अधिशासी अभियंता, रामपुर