रामपुर जिले के मसवासी में एक युवती ने हिंदू प्रेमी से मंदिर में शादी रचाई। इसके बाद गुड़िया ने परिजनों से अब कानूनी लड़ाई भी जीत ली है। गुड़िया बनी नगमा ने बताया कि वह बचपन से ही हिंदू धर्म में आस्था रखती थी। क्योंकि हिंदू धर्म में महिलाओं पर कोई बंदिश नहीं है और न ही तीन तलाक का डर, लेकिन मुस्लिम धर्म में महिलाओं पर बंदिश ही बंदिश हैं।
रामपुर जिले के मसवासी में हिंदू धर्म में आस्था के चलते नगमा खातून से गुड़िया बनकर हिंदू प्रेमी से मंदिर में शादी रचाई थी। अब नगमा उर्फ गुड़िया ने कोर्ट में प्रेमी से पति बने युवक के पक्ष में बयान दर्ज कराकर कानूनी लड़ाई भी जीत ली है। कोर्ट ने उसे पति के साथ जाने का आदेश दिया है।
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कस्बा निवासी नगमा खातून की बचपन से ही हिंदू धर्म में आस्था थी। नगमा को मोहल्ले के ही एक हिंदू युवक से प्रेम हो गया। परिजनों को जानकारी हुई तो उन्होंने पाबंदी लगा दी, लेकिन वह लगातार प्रेमी युवक से बातचीत करती रही। बीते माह वह प्रेमी के साथ घर से फरार हो गई और मंदिर में जाकर हिंदू रीति रिवाज से शादी रचा ली।
सोशल मीडिया पर नगमा उर्फ गुड़िया की शादी का एक वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने प्रेमी युगल को बरामद कर लिया था। पुलिस ने युवती के कोर्ट में बयान दर्ज कराए। जिस पर नगमा उर्फ गुड़िया ने कोर्ट में कहा कि हिंदू धर्म में आस्था के चलते उसने धर्म परिवर्तन कर हिंदू प्रेमी से मंदिर में शादी रचाई है।
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वह अब पति के साथ ही रहना चाहती है। साथ ही उसने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई। जिस पर कोर्ट ने नगमा उर्फ गुड़िया को पति के साथ जाने के आदेश दिए हैं।
बोली...मुंबई की सनातन संस्था से हुई थी प्रेरित
गुड़िया बनी नगमा ने बताया कि वह बचपन से ही हिंदू धर्म में आस्था रखती थी। क्योंकि हिंदू धर्म में महिलाओं पर कोई बंदिश नहीं है और न ही तीन तलाक का डर, लेकिन मुस्लिम धर्म में महिलाओं पर बंदिश ही बंदिश हैं।
दूसरी ओर तीन तलाक और हलाला का नाम सुनकर तो रूह कांप जाती है। इसके अलावा वह मुंबई की एक सनातन संस्था से प्रेरित थी। जिसके बाद उसने हिंदू धर्म को अपनाया है और उसने अपना नाम नगमा खातून से बदलकर गुड़िया रानी रखकर हिंदू प्रेमी से शादी रचाई है।