रामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त लेखा विभाग में तैनात सहायक लेखाकार की फर्जी तरीके से नियुक्ति करने के मामले की जांच की पत्रावलियां मिल गई हैं। डीएम के आदेश पर इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।वित्त एवं लेखा विभाग में विभाग तैनात सहायक लेखाकार नेगपाल के खिलाफ प्रशासन ने शासन के पत्र के बाद जांच बैठाई थी। प्राथमिक शिक्षक संघ की शिकायत के आधार पर विभाग ने नेगपाल नाम के किसी व्यक्ति के सहायक लेखाकार न होने की बात कही थी। जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने 27 जनवरी को सहायक लेखाकार के पद पर कार्य कर रहे नेगपाल सिंह से सभी पटल हटाने और उसकी नियुक्ति की जांच के निर्देश दिए थे।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत की वित्तीय परामर्शदाता शामिल थे। इसके बाद रविंद्र कुमार मांदड़ का स्थानांतरण जनपद रामपुर से अन्य जनपद को हो गया। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल व जिला मंत्री आनंद गुप्ता ने जिलाधिकारी के स्थानांतरण के बाद उक्त फाइल गायब होने का आरोप लगाया था। अब यह फाइल मिल गई है, जिसके बाद इस मामले की जांच के आदेश फिर से जारी हो गए हैं।
डीएम ने 15 दिन के भीतर इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। शिक्षक संघ के जिला मंत्री आनंद गुप्ता का कहना है कि नेगपाल सिंह पर सहायक लेखाकार के पद पर रहते हुए कूटरचित अभिलेखों से अपनी पत्नी को शिक्षिका के पद पर नियुक्त कर लाखों रुपये का भुगतान करने का आरोप है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति बेसिक शिक्षा अधिकारी ने की थी। जवाब में निदेशालय की ओर से आया कि नेगपाल नामक कोई भी कार्मिक उनके अधीनस्थ कर्मचारी नहीं है।
मृतक रामनाथ का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
मृतक रामनाथ का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
मृतक रामनाथ का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन