रामपुर। स्टाफ नर्स के बंद सरकारी आवास से करीब चार लाख रुपये की दवाओं का जखीरा मिला। बड़ी मात्रा में दवाएं मिलने के बाद सीएचसी अधीक्षक ने इसकी जांच के लिए औषधि निरीक्षक को पत्र भेजा है। साथ ही सीएमओ को मामले की जानकारी दी है। शाहबाद सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स मधु मिश्रा का एक साल पूर्व बरेली के लिए तबादला हो चुका है। तभी से उनका सरकारी आवास बंद पड़ा था। शाहबाद सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉक्टर आरके चंदेल का कहना है कि स्टाफ नर्स को आवास खाली करने के लिए कई बार कहा गया और उन्हें नोटिस भी दिया गया, लेकिन उन्होंने आवास खाली नहीं किया।
इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक ने पिछले महीने सीएचसी में तैनात अन्य डॉक्टर और फार्मासिस्ट के साथ स्टाफ नर्स के सरकारी आवास का ताला तोड़वाया। इस दौरान उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। उनके आवास से कमरों में मेडिकल स्टोर पर बिकने वाली दवाओं का जखीरा बरामद हुआ।
चिकित्साधीक्षक का कहना है कि मिली दवाएं सरकारी नहीं हैं। साथ ही दवाओं की अनुमानित कीमत करीब चार लाख रुपये है। दवाओं का जखीरा मिलने के बाद सीएमओ के साथ ही औषधि निरीक्षक को भी पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी गई। स्टाफ नर्स के सरकारी आवास से मिली दवाओं को दूसरे कमरे में रखवा दिया गया है। दवाओं की एक्सपायरी 2024 के मध्य और अंत की है।
सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स मधु का तबादला एक साल पहले बरेली हो गया था। उनके द्वारा आवास खाली न करने पर जब ताला तोड़ा गया तो दवाओं का जखीरा बरामद हुआ। दवाओं की कीमत करीब चार लाख रुपये है। मामले की जानकारी सीएमओ को देने के साथ ही औषधि निरीक्षक को जांच के लिए पत्र लिखा गया है।
- आरके चंदेल, अधीक्षक, शाहबाद सीएचसी।