रामपुर। लोकसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ने लगी है। सपा और कांग्रेस का गठबंधन हो चुका है और रामपुर सीट सपा के खाते में गई है। अभी तक सपा ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। लोग कयास लगा रहे हैं कि भाजपा सांसद घनश्याम लोधी को ही फिर प्रत्याशी बनाएगी या टिकट बदलेगा। वहीं बसपा के प्रत्याशी पर भी सभी की नजरें हैं। सपा से आजम खां के परिवार का सदस्य मैदान में उतरेगा या फिर आजम के करीबी आसिम रजा पर फिर से दांव लगाया जाएगा। चौक-चौराहों पर आजकल यही चर्चा हर जुबां पर है। लोकसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन अपनी तैयारियां पूरी करने में जुटा है। जल्द ही चुनाव की तिथियों का एलान हो सकता है। ऐसे में प्रत्यााशियों की घोषणा पर भी लोगों की निगाहें हैं। हालांकि, बीते लोकसभा चुनाव से इसबार समीकरण बदले हुए हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा का गठबंधन था, जबकि भाजपा और कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ा था। वहीं इस बार कांग्रेस और सपा का गठबंधन है और भाजपा व बसपा अकेले मैदान में उतरेंगी।
2019 के लोकसभा चुनाव में आजम खां ने सांसद बने थे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा को एक लाख से ज्यादा मतों से हराया था। हालांकि, 2022 में रामपुर सदर से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद आजम खान ने संसद की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी घनश्याम लोधी ने आजम के करीबी आसिम रजा को हराकर जीत दर्ज की थी। घनश्याम लोधी ने 42192 वोट से सपा प्रत्याशी को हराया था। उपचुनाव में कांग्रेस और बसपा ने अपने प्रत्याशी नहीं खड़े किए थे।
भाजपा फिर घनश्याम लोधी पर दांव लगाएगी या फिर नया प्रत्याशी मैदान में आएगा, इसकी घोषणा अभी बाकी है। वहीं चर्चा यह भी है कि सपा से आजम खां की बहू सिदरा अदीब को प्रत्याशी बनाया जा सकता है। सिदरा आजम खां के बड़े बेटे अदीब की पत्नी हैं और वे सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहती हैं। इस समय आजम, उनकी पत्नी तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम जेल में हैं। ऐसे में सपा आजम खां की बहू को प्रत्याशी बना सकती है। वहीं पार्टी नेताओं का कहना है कि रामपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी तो आजम खां के सुझाव पर ही पार्टी हाईकमान तय करेगा। वहीं बसपा ने भी अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। प्रत्याशियों को लेकर लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं।
2014 में भाजपा ने सीट पर किया था कब्जा
2014 लोकसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा ने नेपाल सिंह को रामपुर सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने सपा के नसीर अहमद खां को 23,435 वोट से हरा दिया था। 2014 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नवाब काजिम अली खान ने 1,56,466 और बसपा के प्रत्याशी अकबर हुसैन ने 81,006 वोट हासिल किए थे। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा गठबंधन के प्रत्याशी आजम खां ने भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा को सीधे मुकाबले में 1,09,997 वोट से हरा दिया था। वहीं 2022 के उपचुनाव में भाजपा के घनश्याम लोधी ने सीधे मुकाबले में आजम खां के करीबी मोहम्मद आसिम रजा को 42,192 वोट से हराया था।
जेल में बंद हैं आजम, अब्दुल्ला व डॉ. तजीन फात्मा
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटा अब्दुल्ला जेल में बंद हैं। अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में तीनों को सात-सात साल की सजा हुई है। आजम खां सीतापुर, अब्दुल्ला हरदोई और डॉ. तजीन फात्मा रामपुर जेल में बंद हैं। सात-सात साल की सजा मिलने के चलते तीनों नेता चुनाव भी नहीं लड़ सकते हैं।
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जिलाध्यक्ष बोले
लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी हाईकमान ने आवेदन मांगे हैं, टिकट किसका होगा यह तो हाईकमान तय करेगा। संगठन स्तर पर रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशियों की घोषणा पार्टी में होती है। इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा, आने वाले दिनों में सबकुछ साफ हो जाएगा। - हंसराज पप्पू, जिलाध्यक्ष भाजपा
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समाजवादी पार्टी एक परिवार है। यहां पार्टी किसी को भी टिकट दे सकती है। पार्टी जिसे भी टिकट देगी, उसे पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा। अभी किसी का भी नहीं ले सकता। - वीरेंद्र कुमार गोयल, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, सपा।
प्रत्याशी पार्टी अध्यक्ष बहन मायावती तय करेंगी।। रामपुर लोकसभा सीट से आवेदन मांगे गए हैं। जल्द ही मजबूत प्रत्याशी की घोषणा होगी। सीट के समीकरण को देखते हुए ही प्रत्याशी तय किया जाएगा। - प्रमोद सागर, जिलाध्यक्ष, बसपा