रामपुर। दलित किशोरी का अपहरण कर उसको बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने संभल निवासी दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 29500 रुपये जुर्माना भी लगाया है। अपहरण और दुष्कर्म का यह मामला मिलक कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी एक ग्रामीण ने 17 अगस्त 2017 को मिलक कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि संभल के थाना हयातनगर थाना क्षेत्र के ग्राम लखनपुर निवासी कमल उसकी बेटी को बहला फुसलाकर ले गया और उसको बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अपर विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कोर्ट में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ओमप्रकाश लोधी ने वादी मुकदमा समेत कई गवाहों के बयान दर्ज कराए। साथ ही आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी को रंजिश के आधार पर फंसाया गया है। आरोपी के खिलाफ गवाहों ने जो बयान दिए हैं उसमें विरोधाभास है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अपर विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट शमीम अहमद अंसारी ने कमल को दोषी मानते हुए उम्रकैद व 29500 रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना की धनराशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।