मसवासी। क्षेत्र के नूरपुर फाजलपुर गांव में तेंदुए ने मंगलवार की रात फिर एक बछड़े को अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत है।
नूरपुर में मंगलवार की रात पूरन सिंह अपने परिवार के साथ घर के अंदर सो रहा था। उसकी पास में ही पशुशाला है। पशुशाला में बछड़ा बंधा हुआ था। तेंदुए ने पशुशाला में घुसकर बछड़े को अपना शिकार बना लिया। सुबह चार बजे पूरन सिंह जब चारा डालने पशुशाला पहुंचा तो बछड़े का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा हुआ था। शव को देकर उसके होश उड़ गए और उसने ग्रामीणों को बुलाकर घटना से अवगत कराया। घटना को लेकर गांव में हड़कंप मच गया और लोग लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर दौड़े। लेकिन, कोई भी जानवर ग्रामीणों के हत्थे नहीं चढ़ा। ग्रामीणों का कहना है कि नर तेंदुआ तो वन विभाग के पिंजड़े में कैद हो गया लेकिन मादा और उसके दो बच्चे अभी जंगल में हैं और उनके पद चिन्ह भी दिखाई दे रहे हैं। किसान नेता चौधरी बलबीर सिंह ने बताया कि वन कर्मियों से दोबारा पिंजरा लगाए जाने की मांग की गई थी। ताकि मादा और उसके बच्चे भी पकड़े जा सके। लेकिन, वन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिससे ग्रामीणों और उनकी पशुओं की जान जोखिम में है। वन क्षेत्राधिकारी माजिद इब्राहिम ने बताया नूरपुर के जंगल से तेंदुआ की सूचना प्राप्त हुई है। शीघ्र ही पिंजरा लगाकर उसे भी कैद किया जाएगा।