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Rampur News: महंगाई देखकर जेबें उदास, पर्वों का जाता रहा उल्लास

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रामपुर। अखिल भारतीय काव्यधारा के तत्वावधान में साईं विहार स्थित जितेंद्र कमल आनंद के निवास पर कवि गोष्ठी होली मिलन के उपलक्ष्य में संपन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता संस्थापक अध्यक्ष जितेंद्र कमल आनंद ने की। सर्वप्रथम मां सरस्वती के चित्र सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित किया गया। कवियों ने माल्यार्पण व पुष्पांजलि दी। रामपुर की अनमोल रागिनी द्वारा सरस्वती वंदना से गोष्ठी का शुभारंभ हुआ। कवियों ने काव्यपाठ कर वाह-वाही लूटी।
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शायर ओंकार सिंह विवेक ने कहा ‘महंगाई को देखकर, जेबें हुई उदास, पर्वों का जाता रहा, अब सारा उल्लास’। इसी प्रवाह में अनमोल रागिनी ने कहा कि ब्याह किए पछता रहे, जेब हो गई तंग, याद नमक घी लकड़ियां, भूले सभी उमंग। रश्मि चौधरी ने कहा आदमी बदल जाता है मौसम की तरह, हवा भी साथ देती है, हम सफर की तरह। राजवीर सिंह राज ने कहा अब तो मंजिल का दीदार हो, मील पत्थर गिनूं कब तलक। संचालक राम किशोर वर्मा ने अभी तक होली का रंग न उतरने की बात इस तरह कही। बोले होली तो हो ली मगर, उतरा नहीं खुमार, रंग लगातीं अंगुलियां, उन नैनों का प्यार। धीरेंद्र सक्सेना, झॉसी से पधारी मुख्य अतिथि संध्या निगम, सुरेंद्र अश्क रामपुरी, जितेंद्र कमल आनंद ने भी होली पर काव्यपाठ कर वाहवाही लूटी। संस्था संस्थापक जितेंद्र कमल आनंद को शायर ओंकार सिंह विवेक ने शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। संचालन महासचिव राम किशोर वर्मा ने किया।
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