रामपुर। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद रामनगर बैराज से छोड़े गए 56 हजार 561 क्यूसेक पानी से कोसी नदी उफान पर है। दिल्ली-लखनऊ हाईवे के पर पानी पहुंच गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। वहीं जेसीबी से पानी की दिशा को बदलने के प्रयास किए गए। कोसी के आसपास के करीब दो सौ गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गांव बजावाला में ग्रामीणों की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू कर परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया। वहीं स्वार रोड स्थित धाेबीघाट, हजरतपुर समेत कई इलाकों में मकानों में पानी घुस गया।
डीएम जोगिंदर सिंह व एसपी विद्या सागर मिश्र लगातार क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि राहत और बचाव का कार्य जारी है। रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री वितरित करेंगे, जिसकी प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। तीन दिन से हो रही बारिश ने एक तरफ जहां गर्मी में राहत दिलाई तो वहीं दूसरी तरफ लोगों के लिए कहर बनकर टूटी है। काफी अधिक जल भराव के साथ खेत-खलिहानों तक पानी पहुंच गया। रात भर हुई बारिश और 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कोसी उफना गई और बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान गांव बजावाला में लोगों की जान सांसत में आ गई। यहां चारों तरफ से कोसी के पानी ने घेराव कर दिया। कई घर इसकी जद में आते बचे है। जबकि इसी गांव के चार परिवार बुरी तरह से फंस गए। पानी घरों के चारों ओर आ गया। आनन-फानन में ग्रामीणों ने किसी तरह पुलिस को सूचना दी। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ की टीम को बुलाया। मौके पर पहुंची टीम ने किसी तरह बचाव करते हुए चारों परिवारों को पानी से सुरक्षित निकाल लिया। इनमें मनोहरी लाल और उनकी पत्नी और बच्चे के साथ सोमपाल, दिनेश और पप्पू के परिवार वालों को नांव में बैठाकर टीम ने सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर दिया। इधर जल भराव से शहर में भी हालात खराब हो गए। मुरादाबाद हाईवे पूरी तरह से पानी की जद में आ गया। यहां पर पुराना रेलवे फाटक और गणेश घाट चौकी तक पानी पहुंच गया। बताया जा रहा है इससे पहले तीन साल पूर्व यहां तक पानी पहुंचा था। इसके अलावा जल भराव के चलते शहर में हाईवे किनारे सड़क तक पानी आ चुका है, जिससे लोग काफी घबराए हुए हैं। मामले को लेकर जिला प्रशासन पूरी नजरें बनाए हुए है, रविवार को क्षेत्रों में खाद्य सामग्री वितरित होगी।
शहर के करीब के गांवों में भरा पानी
घाटमपुर, गांधी समाधि बाईपास रोड, कोसी मंदिर के पीछे और हजरतपुर तक मकानों में पानी घुस गया है, जिससे लोग यहां से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा स्वार रोड पर बने धोबी घाट तक पानी आ चुका है।
टांडा तहसील में जलस्तर दो दर्जन ग्रामों का रास्ता हुआ बंद
टांडा। शुक्रवार को रामनगर उत्तराखंड में स्थित कोसी बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद तहसील क्षेत्र के शहपुरा, अपलगढ़, धनुपुरा, अलीनगर, नूरपुर, श्योहरा, सहरिया लक्खा, युसूफनगर, छितरिया जागीर, सूरजपुर आदि समेत करीब दो दर्जन ग्रामों को जाने वाले मार्ग पर कोसी का पानी भर गया। पानी भरने से मार्ग पर बाइक और कारों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया और लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर घोड़े टांगो, पैदल या बड़ी गाड़ियों से आने जाने पर विवश है। रामनगर बैराज से फिर से पानी छोड़ा जाता है तो टांडा के दो दर्जन से अधिक ग्रामों में बाढ़ आने का खतरा बढ़ जाएगा। उधर एसडीएम अनुराग सिंह ने बाढ़ चौकियों पर मौजूद कर्मियों से लगातार हालत पर नजर रखने और जानकारी देते रहने के आदेश दिए है।
रामपुर-बाजपुर मार्ग टूटा, ग्रामीणों ने बिजली विभाग का पुतला फुंका
स्वार। चार दिन में रामपुर-बाजपुर मार्ग की हालत खस्ता होकर रह गई है। रेत से लदे ओवरलोड वाहनों के कारण मार्ग जगह-जगह से टूट गया है। कई जगह बहरे गड़्ढे हो गए हैं। स्वार से रामपुर तक अनगिनत गड्ढों ने आवागमन पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। वहीं स्वार के मसवासी में तीन दिनों से नगर समेत 36 गांवों की विधुत आपूर्ति बाधित है। वहीं विभागीय अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं जिससे नाराज लोगों ने शुक्रवार की देर रात अधिशासी अभियंता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंक दिया। इसके साथ ही जल्द ही आपूर्ति सुचारू न करने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है। बुधवार की रात से लगातार हो रही बारिश के चलते टांडा से दढ़ियाल के बीच हाईटेंशन लाइन में ब्रेकडाउन हो गया था, जिससे मसवासी नगर सहित मुहल्ला भूबरा और चाऊपुरा के साथ ही क्षेत्र के गांव बिजारखाता, खौद शरीफ, खानपुर उत्तरी, नानकर रानी, आरसल पार्सल, सीतारामपुर, अलीगंज, कुंदनपुर, धर्मपुर उत्तरी, मझरा खुशहालपुर, किशनपुर मौलागढ़, हसनपुर उत्तरी, मंसूरपुर, सेमरा लाड़पुर, घोसीपुरा, पट्टीकलां, करीमपुर, मिलक नौखरीद, कुंदनपुर, शेखूपुरा और बड़ापुरा समेत तीन दर्जन से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बीते तीन दिन से ठप पड़ी हुई है। पुतला फूंकने वालों में विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन गुप्ता, अनुज मौर्य, अनिल सागर और कमल मौर्य आदि शामिल रहे।
माटखेड़ा में बारिश से स्कूल की दीवार ढही
मिलकखानम। बारिश से शुक्रवार की रात क्षेत्र के माटखेड़ा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की दीवार ढह गई।
बीते तीन दिनों से क्षेत्र में भारी वर्षा हुई है। इस कारण जहां जगह-जगह पेड़ गिरे हैं वहीं कच्चे मकान भी ध्वस्त हुए हैं। कई परिषदीय विद्यालयों की छतों का प्लास्टर भी टूटकर गिरा और छतें टपकने लगी हैं। शुक्रवार की रात बारिश के चलते माटखेड़ा के प्राथमिक विद्यालय की लगभग 15 मीटर दीवार ध्वस्त हो गई।
शहर विधायक ने घाटमपुर और हजरतपुर का निरीक्षण किया
रामपुर। रामनगर बैराज से कोसी नदी में पानी छोड़े जाने के बाद रामपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी आ गया है। जिसके बाद शहर विधायक आकाश सक्सेना ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व व उप जिलाधिकारी के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को खाने-पीने की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। प्रशासन हरसंभव मदद के लिए तैयार रहे। इसके अतिरिक्त उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वो भी सतर्कता बरतें और बच्चों को पानी में न जाने दें। लोगों के कपड़े, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि खराब हो गए। वहीं, जैसे ही शहर विधायक आकाश सक्सेना को पानी आने की जानकारी मिली, तो वो तुरंत मौके पर पहुंच गए। साथ ही अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हेम सिंह, उप जिलाधिकारी सदर मोनिका सिंह को भी बुला लिया। शहर विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि शहर के अलावा नदी किनारे बसे गांवों में भी ध्यान देना चाहिए, जिससे उन्हें कोई दिक्कत न हो। किसी भी परिस्थिति में ग्रामीणों को दिक्कत न आए, इसके लिए मुकम्मल इंतजाम कर लिए जाएं, ताकि जरूरत के समय तत्काल मदद मुहैया कराई जा सके।
डीएम ने स्वार क्षेत्र का दौरा कर कोसी तटबंध का लिया जाएजा
स्वार। डीएम जोगिंदर सिंह ने कोसी नदी पर छपर्रा-रुस्तमनगर तटबंध का जायजा लिया है। उन्होंने क्षेत्रीय ग्रामीणों के साथ ही अधिकारियों को सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए कि वह बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दें। ग्रामीणों को कहा कि खतरा बढ़े तो कंट्रोल रूम को सूचित करें ताकि समय रहते सुरक्षा के उपाय किए जा सकें और सुरक्षित स्थान पर भेजा जा सके। इस बीच स्वार क्षेत्र में कोसी पूरी तरह से उफान पर है। किसानों को नदी पार से पशुओं के लिए चारा लेकर आने में दुश्वारी हो रही है। नदी के तटवर्तीय जंगल में खड़ी फसलें पूरी तरह से जल मग्न हो गई हैं।
कर्मियों व ग्रामीणों को किया अलर्ट
बिलासपुर। नगर के मोहल्ला सिंह कॉलोनी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल के पास की कालोनी, शिवबाग मंडी, शीरीमिया, साहूकारा, विसारत नगर, बाजार कला आदि मोहल्ले में कई स्थानों पर जल भराव है। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मियों की लापरवाही के चलते नालियां कीचड़ से अटी हुईं हैं। जिसकी वजह से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। फलस्वरूप लोगों को रास्ते में भरे हुए पानी के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है। एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। शनिवार दोपहर के बाद तहसीलदार निश्चय कुमार ने ग्राम मुल्लाखेड़ा, गदईया नसीमगंज की सैंजनी नदी पर पहुंच कर जल स्तर का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को पानी से दूर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व कर्मियों को भी अलर्ट रहने की हिदायत दी है।
दढ़ियाल में बारिश से भरभराकर गिरा मजदूर का कच्चा मकान
दढ़ियाल। नगर के मोहल्ला हबीबनगर निवासी सनबर अली मजदूरी कर अपना परिवार चलाते हैं, उनके परिवार में पत्नी गुलशन, तीन वर्षीय बेटी रिजवी और डेढ़ वर्षीय बेटा अली रजा रहते है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे हल्की बूंदाबांदी के दौरान सनव्वर अली जब किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे कि अचानक उनका कच्चा मकान भर भराकर गिर गया। शोर शराबे की आवाज सुनकर लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोगों ने जैसे-तैसे मकान के अंदर फंसे परिजनों को बाहर निकाला। हालांकि हादसे में मजदूर की पत्नी गुलशन को मामूली चोट लगी है लेकिन बच्चों को कोई चोट नहीं आई इससे लोगों ने राहत की सांस ली।
आपदा को लेकर पहले से ही अलर्ट के बाद तैयारी कर ली गई थी, राहत और बचाव का कार्य जारी है। एसडीआरएफ की टीमें भी जिले में लगाईं हैं। मसवासी में एक हादसा हुआ है, जिसके बाद वहां बच्चों को ढूंढा जा रहा है। लगातार क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, रविवार को प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री वितरित कराएंगे। हालांकि अभी पानी कम हो रहा है, इसलिए हालात अभी सुधरेंगे, लोग घबराएं नहीं, धैर्य से काम लें। - जोगिंदर सिंह, डीएम रामपुर।