बिलासपुर। रामपुर जिले की सीमा में कई स्थानों पर नैनीताल हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इसके बाद एनएचएआई की ओर से हाईवे से गुजरने वाले वाहनों से टोल वसूला जा रहा है। अधूरे पड़े हाईवे में गड्ढे, धूल व अधूरे पुलों पर जान जोखिम में डालने के बाद जब वाहन चालक टोल प्लाजा पर पहुंचते हैँ तो वह और परेशान हो जाते हैं। परेशान वाहन चालकों व ट्रांसपोटरों की मांग है कि हाईवे चौड़ीकरण कार्य जल्दी पूरा किया जाय या फिर टोल की वसूली बंद की ज।
केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कई वर्षो से जर्जर हो चुके नैनीताल काठगोदाम हाईवे के चौड़ीकरण परियोजना का शिलान्यास फरवरी 2016 में किया था तथा इसका जिम्मा कार्यदायी संस्था सद्भाव इंजीनियरिंग को दिया था।इसके तहत सड़क का चौड़ीकरण और फोरलेन का काम होना था।यह कार्य दो हिस्सों में मंजूर हुआ था, जिसमें से एक रामपुर से रूद्रपुर तक था जिसकी लंबाई 49 किलोमीटर है, जबकि दूसरा रूद्रपुर से काठगोदाम तक मंजूर हुआ था। इसमें 43 किमी सड़क का निर्माण किया जाना था। सात साल से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी करीब एक हजार करोड़ की लागत के इस प्रोजक्ट का काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है।कोयली से शहजाद नगर तक बाईपास नहीं बन पाया है। कोयला गांव के पास नदे , संकरा के पास पीलाखार नदी व ऊंचा पुल का निर्माण नहीं किये जाने से कई किमी तक सिंगल लेन में ट्रैफिक चल रहा है।रूद्रपुर के पास रेलवे क्रांसिंग न बन पाने से जाम लगने के कारण घंटों जाम में वाहन फंसे रहते हैं। कई स्थानों पर डायवर्जन के बोर्ड लगे हैं तो कहीं पर सड़क में गड्ढे हैं। धूल के गुबारों के बीच से निकलना मुश्किल है। बावजूद इसके एनएचएआई ने करीब दो वर्ष पूर्व ही रामपुर शहर से करीब सात किमी दूरी कोयला गावं पंचायत के मिलक बिचौला गांव के पास टोल प्लाजा का निर्माण कर वाहनों से टोल की वसूली भी शुरू कर दी है।अधूरे हाईवे में टोल वसूली से वाहन चालकों व ट्रांसपोर्टरों में रोष है।वाहन चालकों व ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि एनएचएआई व सरकार को हाईवे चौड़ीकरण का कार्य पूरा करने के बाद ही टोल टैक्स की वसूली करनी चाहिए।