रामपुर। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति का ग्राफ तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं सुधर पा रहा है। हालत यह है कि जिले के तमाम ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति का प्रतिशत नहीं बढ़ रहा है। विभागीय अधिकारियों के लिए उपस्थिति बढ़ाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है। शिक्षा सत्र शुरू हुए दो माह का समय बीत चुका है। विभाग का ध्यान उन स्कूलों पर है, जहां पर बच्चों की उपस्थिति 50 फीसदी से भी कम है। जिले में पिछले दिनों जो रिपोर्ट पोर्टल के जरिए आई थी उसके अनुसार जिले में 50से ज्यादा स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 50 फीसदी से कम पाई गई थी, जिस पर सभी प्रधानाध्यापकों को चेतावनी भी जारी की गई थी। इस चेतावनी के बाद इन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के प्रयास किए गए, लेकिन फिर भी बच्चों की उपस्थिति नहीं बढ़ पाई गई थी।
अभी भी जो डाटा पोर्टल पर आया है उसके अनुसार अभी जिले में तमाम स्कूल ऐसे हैं, जहां पर बच्चों की उपस्थिति कम है। इसको लेकर विभाग हर जतन कर रहा है, लेकिन इसके बाद भी बच्चों की उपस्थिति का प्रतिशत नहीं सुधर पा रहा है।
बीएसए राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पहले से बच्चों की उपस्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन अभी और प्रयास किए जाएंगे, ताकि बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत हो सके।
सात और प्रधानाध्यापकों को जारी की चेतावनी
जिले के सात और प्रधानाध्यापकों को चेतावनी जारी की गई है। बीएसए राघवेंद्र सिंह के मुताबिक बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सात और प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है।