रामपुर। अदालत ने तीन हमलावरों को चार वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी शानू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
मामला कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। 27 जून 2016 को पुलिस पार्टी संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान सिविल लाइंस क्षेत्र की दिशा से एक चालक ने कैंटर को लापरवाही से चलाते हुए पुलिस पार्टी को जान से मारने की नीयत से चढ़ा दिया। घटना की रिपोर्ट कोतवाली में तैनात दरोगा उदयवीर सिंह ने राशिद सहित आठ लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। बृहस्पतिवार को इस मुकदमे की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है और पुलिस ने आरोपियों को झूठा फंसाया है। जबकि, अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना ने वादी सहित कई गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए। आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने राशिद, फरजन अली और इस्लाम को चार-चार वर्ष के कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है, जबकि साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी शानू को बरी कर दिया है।