रामपुर। राजकीय आयुर्वेदिक व यूनानी अस्पतालों को अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए चार नए अस्पतालों का चयन कर लिया गया है। प्रत्येक अस्पताल में हर्बल वाटिका की भी स्थापना होगी। वाटिका में मौजूद खरपतवार से घरेलू इलाज के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
शासन ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी को पत्र भेजकर अस्पतालों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित करने के मकसद से चार आयुर्वेदिक अस्पतालों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाया जाएगा। इनमें स्वार ब्लॉक से हरनगला और मीरापुर, मिलक ब्लॉक से तिराह रठौंडा और बिलासपुर ब्लॉक से तालमहावर शामिल है। सेंटर में ग्रामीण आबादी को औषधीय पौधों से ही इलाज के तरीके बताए जाएंगे। शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच कर उन्हें दवाएं दी जाएंगी। गौरतलब है कि शहर में दोमहला, मिलक, मानपुर और बिलासपुर में एक-एक आयुर्वेदिक अस्पताल को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बदला जा चुका है। यहां पर आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथ के साथ-साथ एलोपैथ से मरीजों का इलाज किया जा रहा है।