रामपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर मतदान संपन्न हो गया है। इस सीट पर सपा नेता आजम खां के साथ-साथ भाजपा की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। आजम खां की प्रतिष्ठा इस वजह से दांव पर है कि यह सीट उनका गढ़ माना जाता है। आजम खां इस सीट से दस बार विधायक चुने गए हैं। इस सीट पर भाजपा कभी नहीं जीती है। उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए सरकार और संगठन ने अपनी पूरी ताक झोंक दी थी। मंत्रियों की फौज को चुनाव प्रचार के लिए उतार दिया गया था। साथ ही भाजपा संगठन के पदाधिकारी रामपुर में डेरा डाले रहे। कांग्रेस भी यहां से छह बार जीती है।