रामपुर। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान स्टेटिक टीम के साथ गाली-गलौज व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में अदालत ने चमरौवा के पूर्व विधायक यूसुफ अली को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव का है। लोकसभा चुनाव के दौरान राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनुपुरा के प्रधानाचार्य एवं स्टेटिक टीम के प्रभारी राकेश कुमार सक्सेना की टीम छह अप्रैल को मिलक खानम थाना क्षेत्र में वाहनों की चेकिंग कर रही थी। चेकिंग के दौरान बसपा के विधायक अली युसूफ अली अपनी गाड़ी से आए। चेकिंग टीम ने उनको रुकने का इशारा किया। आरोप था कि इस दौरान विधायक व उनके साथियों ने टीम के साथ गाली-गलौज की साथ ही सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। इस मामले में मिलकखानम थाने में टीम के प्रभारी राकेश सक्सेना की ओर से विधायक अली युसूफ अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और फिर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से वादी राकेश समेत तीन गवाहों के बयान दर्ज कराए, जिसमें अधिकतर गवाह पूर्व में दिए गए बयानों से मुकर गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता महबूब अली पाशा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) कोर्ट के जज शोभित बंसल ने पूर्व विधायक अली युसूफ अली को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
17 मुकदमों में बरी हो चुके हैं पूर्व विधायक
पूर्व विधायक अली युसूफ अली के खिलाफ जिले के मिलकखानम, भोट, कोतवाली में 18 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिसमें से पूर्व विधायक 17 मामलों में बरी हो चुके हैं। एक मामले में अदालत का फैसला आना बाकी है। यूसुफ अली वर्तमान में भाजपा में शामिल हैं।