यतीमखाना प्रकरण के वादी को धमकाने और गवाही देने से रोकने के आरोप में सपा नेता आजम खां व पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं इसी मामले में बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई भी हुई। इसमें गवाह नन्हे ने गवाही दी। इसके बाद गवाह को पुलिस सुरक्षा में कोर्ट से भेजा गया। अब इस मामले में बृहस्पतिवार 18 अगस्त को भी सुनवाई होगी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बेरियान मुहल्ले निवासी नन्हे ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वह एक मुकदमे में वादी है, जिसमें आजम खां भी आरोपी है। इस मामले में 17 अगस्त को कोर्ट में सुनवाई थी।
आरोप है कि इससे पहले बुधवार 17 अगस्त की सुबह 9:30 बजे उनके घर पर चार- पांच अनजान लोग आए और बोले हमें पूर्व मंत्री आजम खां ने भेजा है। तुम्हें कोर्ट में आजम खां के खिलाफ गवाही नहीं देनी है। अगर सही बात कही तो तुम्हारा हाल बुरा होगा। इसके बाद नन्हे ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आजम खां सहित पांच अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। शहर कोतवाल गजेन्द्र पाल त्यागी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
साल 2019 का है मामला
साल 2019 में आजम खां, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू समेत 20-25 लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में यतीमखाना प्रकरण में मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि आजम खां के इशारे पर बस्ती में रह रहे लोगों के घरों को जेसीबी से ध्वस्त किया गया, मारपीट व लूट की गई, धमकाया गया था।
इसी मामले में आजम खां पर भैंस व बकरी की चोरी का आरोप भी लगा था। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। इसी मुकदमे के गवाह नन्हे की ओर से शहर कोतवाली में आजम खां व पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ धमकाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
अब 18 अगस्त को होगी सुनवाई
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान गवाह नन्हे को पुलिस सुरक्षा में घर से लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया, जहां पर उन्होंने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की। जिरह पूरी नहीं हो सकी। इस कारण अब इस मामले में सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार 18 अगस्त की तारीख तय की गई है।