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Rampur News: फाइनल रिपोर्ट खारिज, दोबारा विवेचना के आदेश

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रामपुर। कोर्ट ने हत्या के मामले में दाखिल पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को खारिज करते हुए पुलिस को दोबारा विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
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मिलक थाना अंतर्गत भैसोड़ी गांव के प्रेमशंकर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें कहा था कि 12 मई 2022 को हरपाल, अर्जुन, राजू और मुनीश उनके घर आए थे। चारों उनके बेटे संजीव को रुड़की ले जाने के बहाने अपने साथ कार में ले गए। बाद में बेटे की दिल्ली में लाश मिली। उन्होंने चारों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुकदमे की जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इस पर उन्होंने अपने अधिवक्ता ओम प्रकाश लोधी के जरिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। अधिवक्ता के मुताबिक कोर्ट ने मिलक पुलिस की फाइनल रिपोर्ट खारिज करते हुए प्रभारी निरीक्षक को दोबारा विवेचना कराने के आदेश दिए हैं। संवाद
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जिला बदर के आरोप से बरी

रामपुर। जिला बदर के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने उसे गुंडा नियंत्रण अधिनियम के आरोप से बरी कर दिया है।
तीन मई 2011 को अजीमनगर थाना पुलिस ने ग्राम शौकतनगर मझरा सींगनखेड़ा गांव में दबिश दी थी और वहां से नूर आलम पुत्र लोटन को गिरफ्तार किया था। उसे जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा 17 फरवरी 2011 को गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत छह माह के लिए जिला बदर किया था। जिला बदर की अवधि पूरी होने से पहले वापस गांव लौट आया। उसके खिलाफ गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान नूर आलम के अधिवक्ता अकील अहमद नूर आलम को जिला बदर का आदेश तामील नहीं कराया गया था। जिस अपराध के लिए उसे जिला बदर किया गया, उसमें वह दोषमुक्त हो चुका है। अधिवक्ता के अनुसार कोर्ट ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम से दोष मुक्त कर दिया है। संवाद
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