फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व राज्यपाल ने सांसद आजम खां के मसले को इंसान-शैतान की लड़ाई बताया

विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व राज्यपाल ने आजम खां के मसले को शैतान और इंसान की लड़ाई बताया
विज्ञापन

- रामपुर पहुंचकर आजम खां की पत्नी एवं विधायक डॉ. तजीन फात्मा से की मुलाकात
- बोले, पूरी सरकार उनके खिलाफ लगी है, हम सिर्फ दुआ कर सकते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। उत्तराखंड और यूपी के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने सपा सांसद आजम खां के मामले को शैतान और इंसान के बीच की लड़ाई बताया है। कहा कि उनकी रिहाई के लिए हम सिर्फ दुआ कर सकते हैं, पूरी सरकार उनके खिलाफ लगी हुई है।
शनिवार रात आजम खां के आवास पर पहुंचे पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोरोना की वजह से वह डेढ़ साल से घर से बाहर नहीं निकल सके, लेकिन आज अपनी भाभी (आजम खां की पत्नी तजीन फात्मा) के पास आया हूं। अब भाभी से कहने आया हूं कि आप हिम्मत रखिए। लोग आपके साथ हैं। फतेह आपकी ही होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने आजम खां पर ज्यादती की। जिस तरह से उन्हें प्रताड़ित किया है, उसके लिए कुछ कहने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन

आजम खां की रिहाई की संभावना से संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह लड़ाई शैतान और इंसान के बीच है। उनके खिलाफ एक के बाद एक कई मुकदमे दर्ज किए हैं। कुरैशी ने कहा कि हम सिर्फ दुआ कर सकते हैं, पूरी सरकार उनके खिलाफ लगी हुई है। जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर अजीज कुरैशी बोले कि आजम खां ने अपनी कौम की बेहतरी के लिए काम किया था। मुलायम सिंह यादव ने विधानसभा से बिल पास कराया, लेकिन कुछ लोग चाहते थे कि यह कौम न पढ़े और उनकी बराबरी न कर सके। इस वजह से बिल को 10 साल तक लटकाए रखा। इसकी वजह यह थी इस यूनिवर्सिटी में 50 फीसदी सीटें मुसलमानों के लिए रखी गई थीं। यह एक तबके को कुबूल नहीं था। मुझे जब प्रदेश के राज्यपाल की जिम्मेदारी मिली तो मैंने इस बिल को मंजूरी दे दी। मैं इसका श्रेय नहीं लेना चाहता हूं। इसका श्रेय तो आजम खां और मुलायम सिंह यादव को जाता है।
विज्ञापन

00
रामपुर वालों को सड़कों पर उतरना चाहिए था
रामपुर। सांसद आजम खां के खिलाफ कार्रवाई के समय रामपुर में कोई बड़ी प्रतिक्रिया नहीं होने पर पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने हैरानी जताई। सांविधानिक पद पर रह चुकने के बावजूद कुरैशी ने आक्रामक शैली में कहा कि रामपुर के लोगों को आगे आना चाहिए था। सड़कों पर उतर कर सत्याग्रह, घेराव आदि करना चाहिए था। एक आदमी, जिसने रामपुर के लोगों के लिए अपनी पूरी जिंदगी लगा दी हो और जौहर यूनिवर्सिटी को बनाने के लिए खून पसीना एक किया, क्या हम लोग उसके पीछे भी खड़े नहीं हो सकते। संवाद
00
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें