जिला कारागार में बंदियों की एचआईवी-टीबी संक्रमण की जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल 887 बंदियों एवं कैदियों की एचआईवी जांच की गई। 57 बंदियों का टीबी संक्रमण की आशंका के कारण सैंपल लिया गया था। सात बंदियों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई है। एक बंदी पहले से ही एचआईवी संक्रमण का उपचार करा रहा है। किसी भी बंदी में टीबी संक्रमण का पुष्टि नहीं हुई है।
जेल की चहारदीवारी के अंदर भी भयानक संक्रमण बंदियों और कैदियों पर अपना शिकंजा कस रहे हैं। इसकी पुष्टि खुद सरकारी आंकड़े कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के परियोजना निदेशक आलोक कुमार ने 19 फरवरी को प्रदेश के सभी सीएमओ-सीएमएस को निर्देश जारी कर जिला कारागारों में एचआईवी और टीबी संक्रमण की जांच कर 15 मार्च तक रिपोर्ट भेजने को कहा था। चार फरवरी तक जिला कारागार के 887 बंदियों और कैदियों की एचआईवी संक्रमण की जांच की गई।
रिपोर्ट में सात बंदियों और कैदियों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि की गई है। एक एचआईवी संक्रमित बंदी पहले से उपचाराधीन थी। जिला कारागार में मौजूदा समय में आठ एचआईवी संक्रमित हैं। वहीं, जिला क्षयरोग विभाग की ओर से टीबी संक्रमण की आशंका में 57 बंदियों का बलगम का सैंपल लिया गया। किसी भी आशंकित में टीबी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।