टूरिस्ट परमिट के नाम पर यात्रियों को ढो रहीं बसें
परिवहन विभाग की मिलीभगत से चंडीगढ़, दिल्ली तक के लिए सैकड़ों निजी बसें दौड़ रही हैं। इन डग्गामार बसों को रोकने में विभाग विफल साबित हो रहा है। बस संचालक टूरिस्ट परमिट पर जगह-जगह से यात्री भरते हैं और दिल्ली-चंडीगढ़ ले जाते हैं।
इन बसों से गैर कानूनी माल भी दूसरे प्रदेशों से सप्लाई होने का शक है। डग्गामार बसें कई प्रदेशों से होकर गुजरती हैं। इसी बीच कई आरटीओ, एआरटीओ और पुलिस थाने पड़ते हैं, लेकिन डग्गामार बसें आसानी से जिलों की सीमाओं को पार कर लेती हैं।
इन रूटों पर हो रहा बसों का संचालन
बरेली जिले के आंवला और सिरौली से शाहबाद होते हुए नगालैंड की स्लीपर बस धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। जगह-जगह बनाए गए बस अड्डे से सवारियों को बैठाया जाता है। आंवला और सिरौली से चंडीगढ़ के लिए प्रतिदिन निजी बस चलती है।
वहीं दिल्ली के लिए बरेली जिले से संचालित निजी बस सेवा रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़, गाजियाबाद से होती हुई दिल्ली के लिए चलती है। ये सभी बसें बिना परमिट ही दौड़ रही हैं।
डग्गामार बसों के खिलाफ अवैध डंपरों की तरह ही अभियान चलाया जाएगा। हादसों के बाद बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। इसकी जांच की जा रही है। डग्गामार बसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। - जोगिंदर सिंह, डीएम
डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलता है। शाहबाद-पनवड़िया की तरफ अभियान चलाया है। एक हफ्ते में 15-20 डग्गामार वाहनों के चालान किए हैं। अभी बड़े पैमाने पर अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें बड़ी कार्रवाई होगी। - ओरीलाल, एआरटीओ प्रवर्तन, रामपुर