फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur News: डॉ. कुरैशी की ननिहाल से खाना बनकर जाता था राजभवन

Fri, 01 Mar 2024 11:26 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। खुले मंच पर बेबाक राय रखने वाले पूर्व राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी का रामपुर से बेहद करीबी और गहरा नाता रहा। ननिहाल होने के नाते यहां के लोगों से उन्हें लगाव था। वे रामपुर का खाना बेहद पसंद करते थे। उनके राज्यपाल रहने के दौरान अक्सर रामपुर से खाना बनकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के राजभवन तक जाता था।
विज्ञापन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व मिजोरम, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राज्यपाल रहे डॉ. अजीज कुरैशी (83) का शुक्रवार को भोपाल में निधन हो गया। उनके निधन के बाद रामपुर शहर में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व राज्यपाल के करीबी कांग्रेस नेता मुतीउर्रहमान बब्लू ने बताया कि नगर के बाजोड़ी टोला मोहल्ले में उनकी ननिहाल थी। हालांकि भारत-पाकिस्तान बंटवारे के वक्त उनकी ननिहाल के लोग पाकिस्तान चले गए थे। इसके बाद भी अजीज कुरैशी का रामपुर से लगाव बना रहा और वो यहां अक्सर आते रहे। उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रहते हुए वे रामपुर कई बार आए।
सपा नेता आजम खां के यहां शादियों के कार्यक्रम में भी कई बार वे रामपुर आए। इसके अलावा डाॅ. कुरैशी रजा डिग्री कॉलेज के समीप स्थित कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मुतीउर्रहमान बब्लू के आवास पर अक्सर आते रहते थे। मुतीउर्रहमान बब्लू ने बताया कि वो रामपुर में बना खाना बेहद पसंद करते थे। जिसमें सीक कवाब, बिरयानी के साथ यहां का बना सोन हलवा उन्हें बहुत पसंद था। यही कारण था कि रामपुर से खाना बनकर उप्र और उत्तराखंड के राजभवन तक जाता था। इतना ही नहीं उत्तराखंड में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के एक कार्यक्रम में भी रामपुर से ही बावर्ची खाना बनाने देहरादून पहुंचे थे। उनके पारिवारिक कार्यक्रमों में भी रामपुर के बावर्ची ही खाना बनाने जाते थे। उनके निधन पर नेताओं के साथ शहरवासियों ने भी दुख जताया।
विज्ञापन


जौहर विवि को दिया था अल्पसंख्यक का दर्जा
सभी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए उप्र के राज्यपाल रहते हुए डॉ. अजीज कुरैशी ने 2014 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक का दर्जा दिए जाने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी थी। इस विधेयक को लेकर कई वर्षों से आजम खां व राजभवन के बीच रिश्ते तल्ख बने हुए थे। आजम खां जौहर विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक दर्जा दिलाना चाहते थे। 2014 में बीएल जोशी के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. कुरैशी को उप्र के राज्यपाल की भी जिम्मेदारी मिली थी। 2007 में विधानमंडल से विधेयक पास कराकर मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया था। सात साल बाद 2014 में डॉ. अजीज कुरैशी ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी, जो चर्चा का विषय बन गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें