डूंगरपुर की जमीनों के रिकार्ड में हेराफेरी की गूंज शासन तक पहुंच गई है। नगर विकास मंत्री आजम खां की सिफारिश पर अब सरकारी रिकार्ड में हेराफेरी की जांच के लिए राजस्व परिषद के प्रमुख सचिव के नेतृत्व में गठित कमेटी करेगी। इसके बाद प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है। भूमाफियाओं ने अफसरों और कर्मचारियों की साठगांठ से डूंगरपुर की सरकारी जमीनों के रिकार्ड में हेराफेरी कर सरकारी जमीन को निजी बता दिया था।
इस जमीन पर प्लाटिंग कर इसे बेच दिया गया था। बाद में इसी जमीन पर आसरा कालोनी प्रस्तावित हो गई, लोग इसका विरोध करने लगे। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था और हाईकोर्ट ने प्रशासन से जवाब तलब भी किया। इसके बाद नगर विकास मंत्री ने अफसरों की क्लास लगाई थी। नगर विकास मंत्री ने मामले में डीएम को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच कराने को कहा था।
प्रशासन ने सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी थी। अब शासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। शासन ने राजस्व परिषद के चेयरमैन को इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने को कहा है। चेयरमैन ने मामले की जांच राजस्व परिषद के प्रमुख सचिव को सौंप दी है। तीन अफसरों की जांच कमेटी गठित होने का आदेश रामपुर पहुंच गया है। कमेटी जल्द यहां पहुंचकर जांच पड़ताल करेगी। आदेश के बाद से रिकार्ड रूम में तैनात औप राजस्व कर्मियों में हड़कंप मचा है।