रामपुर। जिलाधिकारी ने रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा है कि जिले में धान की खरीद के लिए जो 128 केंद्र शुरू किए गए हैं वो निर्धारित अवकाश के अलावा सभी दिन तय अवधि में खुलेंगे। कोई भी प्रभारी केंद्र से गायब नहीं रहेगा। केंद्र पर धान बेचने आने वाले किसानों को अनावश्यक वापस नहीं किया जाएगा न ही पर्याप्त कारणों के बिना धान को रिजेक्ट किया जाएगा। सभी केंद्रों में दिशा सूचक लगाए जाए तथा मंडी सचिव प्रत्येक मंडी में फ्लैक्सी एवं अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी जिला सहकारी बैंक के सभागार में क्रय एजेंसियों के प्रबंधकों और क्रय केंद्र के प्रभारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डिजिटल मॉइश्चर मीटर में विवाद की स्थिति में धान में नमी को मैनुअल मॉइश्चर मीटर में चेक कराया जाए। प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक काँटों को बांट माप विभाग द्वारा सत्यापित किया जायेगा और इसका प्रमाण पत्र 2 दिन में बांट माप विभाग द्वारा दिया जाएगा। सभी मंडियों में क्रय केंद्रों एवं आढ़तियों के लिए पृथक पृथक गेट रहेंगे तथा दोनो के क्षेत्र पृथक रखने के लिए आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग कराने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस कार्य को संबंधित मंडी सचिव तथा उपजिलाधिकारी सुनिश्चित करवा लें। सभी मंडियों में न्यूनतम दो बार धान की नीलामी अवश्य हो जिसे संबंधित उपजिलाधिकारी द्वारा चेक किया जाए। नीलामी की वीडियोग्राफी संबंधित मंडी सचिव द्वारा कराए जाए। डस्टर के प्रयोग में यह अवश्य देख लिया जाए की डस्टर से धान की गंदगी के साथ शुद्ध धान न निकल जाए। ऐसे विवाद की स्थिति में तत्काल डिप्टी आरएमओ अथवा उपजिलाधिकारी को अवगत कराया जाए। प्रत्येक केंद्र में लेबर रजिस्टर अवश्य हो तथा लेबर की उपस्थिति सुनिश्चित रखें।सार्वजनिक स्थानों में होर्डिंग्स के माध्यम से धान खरीद का प्रचार-प्रसार कराया जाए।सभी तहसीलों में ग्राम प्रधानों की बैठक कर ग्रामों में धान खरीद का प्रचार प्रसार करवाया जाए तथा रजिस्ट्रेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। रजिस्ट्रेशन के सत्यापन के लिए किसानों को तहसीलों में न आना पड़े। सभी केंद्र नियमानुसार धान खरीद करना सुनिश्चित करें और किसी भी तरह की परेशानी किसानों को न होने पाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हेम सिंह सहित समस्त उप जिलाधिकारी एवं डिप्टी आरएमओ अनुपम निगम भी मौजूद रहे।