मंडलायुक्त के जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को दूर करने के लिए सीएमओ और सीएमएस ने शुक्रवार को डाक्टरों के साथ मीटिंग की। डाक्टरों को स्पष्ट किया कि मरीजों को बाहर की दवा नहीं लिखी जाएगी। अतिआवश्यक ऐसी दवाएं जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें लोकल स्तर पर खरीदने के लिए बजट की डिमांड की जाएगी। मीटिंग में डाक्टरों ने भी सुरक्षा मुद्दा भी उठाया।
शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला अस्पताल में सीएमओ डा. शंकर लाल सारस्वत, सीएमएस डा. आरके ढल और सीएमएस (महिला अस्पताल) डा. ज्योत्सना पंत ने डाक्टरों के साथ मीटिंग की। सीएमओ ने सभी डाक्टरों को स्पष्ट कहा कि मरीजों को बाहर की दवा नहीं लिखी जाए। अस्पताल में दवा न होने पर बाहर की दवा लिखने के लिए तीमारदार की सहमति अवश्य लें। सीएमएस ने ऐसी दवाओं की लिस्ट मांगी जो कि अस्पताल में नहीं हैं और गंभीर रोगियों के उपचार में अतिआवश्यक हैं।
इन दवाओं के लिए शासन से बजट की डिमांड कर स्थानीय स्तर पर खरीदा जाएगा। सभी डाक्टरों को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने और बेहतर उपचार देने के लिए भी कहा। बाहर की दवा न लिखने को लेकर लिखित सर्कुलर जारी कर उस पर सभी डाक्टरों से हस्ताक्षर कराए जाएंगे। मीटिंग में डाक्टरों की ओर से भी सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया।
कहा कि अस्पताल में आए दिन तीमारदार अभद्र व्यवहार करते हैं और मारपीट तक करते हैं। डाक्टरों ने इमरजेंसी ड्यूटी रूम में 24 घंटे दो पुलिसकर्मी और हर वार्ड में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम की मांग की। सीएमएस ने बताया कि इस संबंध में मंडलायुक्त की ओर से पांच होमगार्ड उपलब्ध करााने की बात कही गई है।